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शरीफ से बन गया पक्का चुदक्कड़

Hindi sex kahani दोस्तों ये कहानी मेरे शरीफ से पक्के चुदक्कड़ रूप में आने की है। आपको अत ही होगा की चुदाई की लत क्या होती है। अगर किसी को छोड़ ले तो मुठ मारने से काम नही चलता। मेरा नाम नदीम है, मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ, मेरे लंड का साइज़ 6.5 इंच है.
तो यह कहानी शुरू होती है मेरी स्कूल लाइफ से… कहानी मेरी और मेरे दोस्त की फ्रेंड की है. जब मैं स्कूल में पढ़ता था तब मेरा एक बेस्ट फ्रैण्ड था और वो बहुत ही बिगड़ा हुआ और चुदक्कड़ था और मुझसे हर वक़्त सेक्सी बातें करता रहता!

उसकी गली में एक लड़की रहती थी, वो उसे रोज़ चोदता और वो मुझे भी बोलता था कि एक बार सेक्स करके देख… कितना मज़ा आता है मालूम चल जाएगा!
लेकिन मैं नहीं चाहता था कि मैं शादी से पहले किसी के साथ सेक्स करूँ… ना ही मैंने कभी मुठ मारी थी, मैं बहुत शरीफ लड़का था.

लेकिन एक दिन उसने मुझे पोर्न मूवी की सी.डी. दी और कहा कि इसको घर जाकर देखना!
मैंने उससे वो सी.डी. ले ली और फिर स्कूल की छुट्टी होते ही मैं अपने घर पर आकर अपने रूम में वो सी.डी. देखने लगा. उसमें एक नंगा लड़का नंगी लड़की के बूब्स चूस रहा था और ज़ोर ज़ोर से दबा भी रहा था, फिर वो नंगा लड़का उस नंगी लड़की की चूत में अपना लंड डालकर ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.

ये सब देखकर मेरी अन्तर्वासना भड़क उठी और फिर मैं नंगा होकर पहली बार मुठ मारने लगा, फिर मैं सो गया.
और फिर अगले दिन जब स्कूल गया तो मेरे दोस्त मुझे उस सी.डी. के बारे में पूछा कि देखी क्या?
तो मैंने कहा- हाँ देखी!
फिर उसने पूछा- कैसी लगी?
मैंने कहा- अच्छी!
फिर उसने बोला- एक बार ये करके देख, मज़ा ना आये तो मुझे बोलना!
तो मैंने कहा- चलो ठीक है, एक बार करके देखता हूं!
क्योंकि जब से मैंने उस सी.डी. में सेक्स करते देखा, तभी से मेरे लंड में कुछ कुछ होने लगा था, इसलिए मैंने हाँ कर दी.

तो मेरा दोस्त मुझे उसके पास ले गया जिसे वो रोज़ चोदता था, उसका लड़की का नाम आबिदा था, उसके घर में वो और उसके मम्मी पापा ये तीन जने ही रहते थे. आबिदा के मम्मी पापा दोनों ही सुबह आठ बजे जॉब पर जाते थे और रात के 8 बजे वापस आते थे क्योंकि दोनों का ऑफिस बहुत दूर था.
इसलिए आबिदा सुबह के 8 बजे से रात के 8 बजे तक घर में अकेली ही होती थी.

हमारी स्कूल की छुट्टी होते ही हम आबिदा के घर के लिए निकल पड़े. हम 1 बजे तक आबिदा के घर पहुँच गए, नदीम ने आबिदा के घर की डोरबैल बजाई और कुछ ही क्षणों के बाद आबिदा ने दरवाज़ा खोला.
जैसे ही वो मेरी नज़रों के सामने आई, मैं तो उसकी खूबसूरती में खो गया.

मेरे दोस्त ने मेरे सामने उसकी चूचियां मसली, चुम्मियां ली और उसे मेरे बारे सब कुछ बता दिया और मुझे बोलकर चला गया- एन्जोय करो!
वो चला गया तो आबिदा मुझे अपने साथ अन्दर ले आई. दोस्तो क्या माल थी वो… एकदम गदराया हुआ बदन, उसके बूब्स तो इतने मस्त थे कि मन कर रहा था कि अभी जाकर उन्हें मुँह में भर लूँ! उसका फिगर शायद 32-28-30 का होगा.

उसने मुझसे पूछा- क्या लोगे आप, चाय कॉफी ठण्डा?
मैं तो मन ही मन में सोच रहा था कि तुम्हारा दूध पियूँगा फिर मैंने उसे कहा- जो तुम चाहो वो ले आओ!

वो किचन में गई और थोड़ी देर बाद दो कप चाय लेकर आई, हम दोनों साथ में चाय पी रहे थे और इधर उधर की बातें करने लगे. फिर मैंने आबिदा से पूछा- तुम ये सब कब से करवा रही हो और क्यों करवाती हो?
तो उसने बताया कि वो लगभग एक साल करवा रही है.
उसने बताया- पता नहीं मुझे क्या हो गया है, मेरी ये चुदाई की प्यास बुझती ही नहीं है. मन करता है कि दिन रात चुदवाती रहूं. लेकिन मैंने ये सब पहली बार अपनी मर्ज़ी से नहीं करवाया था.

मैंने कहा- तो मतलब? कैसे?
तो उसने बताया- एक बार घर में कोई नहीं था, हमारे घर में लाइट चली गई थी और मुझे नहाना था, अँधेरे में नहाने में थोड़ी घबराहट होती है इसलिए मैंने बाथरूम का दरवाज़ा थोड़ा खुला रख लिया और मैं नहाने लगी. जब मैं नहाकर बाहर निकली तो नदीम बाहर खड़ा था और उसने मुझे गले लगा लिया और मेरा तौलिया खींच लिया और मुझे नंगी कर दिया, उसने मुझे मेरी नंगी वीडियो दिखाई इसलिए मुझे करवाना पड़ा.
फिर आबिदा ने कहा कि अब तो ये आदत सी हो गई है, अब चुत चुदाई के बिना रहा नहीं जाता!

मैंने आबिदा से कहा- वो तो सिर्फ अपनी प्यास बुझाकर चला जाता है और तुम प्यासी ही रह जाती हो! और मुझे भी पता नहीं कल रात से क्या हुआ है कि मन करता है कि किसी लड़की की बांहों पूरा दिन पड़ा रहूँ और उससे खूब प्यार करूँ!

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ऐसी बातें करते करते हम दोनों गर्म हो गये और मैं आबिदा के होंठों को चूमने लगा, वो भी मेरा साथ दे रही थी, हम दोनों किसिंग में खो गए, इतना आनन्द महसूस हो रहा था कि क्या बताऊँ… मैं बयान नहीं कर सकता!
हम लगभग 10 मिनट तक एक दूसरे के होंठों का रसपान करते रहे.

फिर उसने कहा- चलो बेड पर चलते हैं!
मैं उसे अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गया और मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े उतारने शुरू किये. मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिये.
उसके नंगे बूब्स कितने मस्त थे, मैं लफज़ों में बयाँ नहीं कर सकता… मैं उसके बूब्स पर टूट पड़ा. क्या मस्त आनन्द आ रहा था… मन तो कर रहा था कि इन्हें खा जाऊं!

मैं उसके बूब्स इतना खो गया था कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब वो मेरा लंड अपने हाथों से सहलाने लगी. हम दोनों एक दूसरे के एक-एक अंग से खेलने और चूमने लगे. यह खेल हमने लगभग 30 मिनट तक खेला, इसी बीच हम दोनों 3-4 बार झड़ चुके थे.

फिर आबिदा ने कहा- अब मुझसे रहा नहीं जाता, प्लीज़ अब मुझे चोद दो जल्दी… प्लीज़ अब कंट्रोल नहीं होता!
आबिदा ने अलमारी से कण्डोम का पैकेट निकाला और उसमें से एक कण्डोम निकालकर मेरे लंड पर लगाया.
मैंने उससे पूछा- तुम कण्डोम क्यूँ रखती हो?
तो उसने कहा- तुम्हारा दोस्त जब चाहे आ जाता है, कण्डोम भी नहीं लेकर आता इसलिए मैंने कण्डोम के पैकेट्स खरीद कर रखे हैं.

उसने मेरे लंड पर कण्डोम लगाकर मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किया और मुझे बोली- अब चोदो मुझे खूब, आज बुझा दो मेरी प्यास!
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखकर एक ज़ोर का झटका दिया तो उसकी थोड़ी चीख़ निकल गई, फिर मैंने दूसरा झटका दिया तो आधा लंड उसकी चूत में चला गया, फिर तीसरे धक्के में पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और उसकी ज़ोर से चीख़ निकल पड़ी.

मैं थोड़ी देर वैसे ही उसकी चूत में लंड डाले ही उसके मस्त-मस्त दोनों बूब्स से खेलने लगा और मैंने उनका दूध भी पीना चाहा, बहुत निचोड़ा उसके दोनों बूब्स को लेकिन दूध नहीं निकला!
फिर थोड़ी देर बाद वो नीचे से अपनी गांड को हिलाने लगी, मैं समझ गया था कि अब इसका दर्द कम हो गया है तो मैं फिर से उसे चोदना शुरू हो गया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.

वो अपने मुंह से मादक आवाज़ें निकाल रही थी- आआह आआहहह हम्म्म उम्म्ह… अहह… हय… याह… और ज़ोर आहहह… और ज़ोर से ऊऊऊऊ आ… ईईई…
उसकी ऐसी मादक आवाज़ें मुझे और दीवाना बना रही थीं.

इस तरह हमने काफी देर तक चुदाई की.

आबिदा ने मुझसे कहा- आज तुमने मुझे वो सुख दिया जिसके लिए मैं तड़प रही थी.

हम बहुत थक गए थे इसलिए हम दोनों नंगे ही एक दूसरे बांहों में सो गए. जब हम उठे तो मेरा लंड उसके मोटे मोटे बूब्स देखकर फिर से तन गया और आबिदा का भी मन फिर से चुदने का हो रहा था तो हमने फिर एक बार और चुदाई की और आबिदा मेरी चुदाई से बहुत खुश हुई.

आबिदा ने बताया कि नदीम का लंड बहुत छोटा है, इतनी अंदर तक कभी गया ही नहीं जितना मेरा लंड उसकी चूत में गया. इसलिए उसे दर्द भी हुआ.
फिर मैं अब वहाँ अपने घर के लिये निकल गया और आते आते मैंने उसके दो नंगे बूब्स को खूब दबाया और चूसा.
और फिर हम इस तरह रोज़ सेक्स करने लगे!

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