एक लंबी चुदाई का खेल (पार्ट 2) long chut ki chudai story

मैनें दरवाज़े से झाँककर देखा। पायल, वो अब भी मेरा दरवाज़ा बाहर से बंद कर देती थी। मैने पायल को अभी तक नहीं बताया था कि मै रोज़ उसे नहाते हुए देखता हूँ। उसको नहाते हुए देखने का अलग मज़ा था।

थोड़ी देर में पायल नंगी होने लगी। आज उसने अपनी पैंटी भी पहले ही उतार दी थी। नंगी होकर सुरेखा नहाने लगी।

आज इतने दिनों के बाद पायल को फिर से नंगा देख रहा था में, मेरा लौड़ा फिर खड़ा होने लगा।पायल अपने पूरे शरीर पर साबुन घुमा रही थी, और उसी के साथ साथ मेरा हाथ मेरे लौड़ा पर घूम रहा था।

रोज़ की तरह चूचियाँ हिल रही थीं, जाँघों पर साबुन लगते समय चूत पूरी चमक रही थी।

नहाने के बाद पायल अपने कमरे में चली गई। फिर में भी तैयार होने चला गया। आठ बजे रोज़ की तरह नाश्ता लेकर मुझसे मिलने आई और मेरी बाँहों में चिपक गई। मैने उसका एक चुम्बन ले लिया।

पायल बोली- अरुण 2-10 की शिफ्ट में हैं। 15 दिन ये रात को 1 बजे आएँगे। तो मै रात में आपसे बातें करुँगी इतना कहकर वो चली गई।

मै ऑफिस चला गया। पूरा दिन ऑफिस में मन नहीं लगा। पता नहीं कैसा जादू सा कर दिया था, पायल ने मुझ पर, मुझे हमेशा उसी की याद आती थी।

जैसे तेसे आज का दिन खत्म करके में घर पहुंचा। पायल ऊपर अपने कमरे में नहीं थी। मेरे सिर में दर्द हो रहा था, अगर पायल होती तो में उसे चाय बनाने को बोलता।

लेकिन पायल तो थी ही नहीं, में नीचे की तरफ चल दिया। तभी मैनें देखा कि पायल का दरवाजा बाहर से बंद है। लेकिन उस पर ताला नही लगा था।

मतलब पायल घर में ही थी। मैनें सोचा वो भी नीचे ही होगी, तो में नीचे पहुंचा। कोई दिखाई नहीं दे रहा था। रेशमा के अंदर वाले कमरे से कुछ आवाजें आ रहीं थीं।

में उसी तरफ चल दिया। मैने कमरे का दरवाजा खोला। लेकिन ये क्या अंदर का नज़ारा देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गयीं।

थोड़ी देर में उस अप्सरा को ऐसे ही देखता रहा। फिर एक दम जैसे मुझे होश सा आया। मैने दरवाजा बंद किया और भागकर ऊपर आ गया।

मेरे सर का दर्द तुरंत गायब हो गया था। मै जैसे ही ऊपर आया मेरे ठीक पीछे पीछे पायल भी ऊपर आ गयी। मै उस से नज़रें नहीं मिला पा रहा था। फिर भी मैनें हिम्मत करके उसकी तरफ देखा।

वो खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी। मै भी मुस्कुरा दिया।

पायल बोली- क्या काम था, नीचे कैसे पहुंच गए।

मै बोला- अरे वो सिर में दर्द हो रहा था, तो तुम्हे ढूंढते ढूंढते पहुंच गया। वैसे वो थी कौन।

मेरे उस लड़की के बारे में पूछने पर पायल का चेहरा उतर गया। फिर भी वो खुश दिखने का ढोंग करते हुए बोली।

पायल बोली- वो रेशमा भाभीजी की चचेरी बहन है। रेशमा भाभीजी के देवर के लिए उसे पसंद किया है। इसलिए बुलाया है, कल वो लोग इसे देखने आएंगे यहीं पर।

मै फिर बोला- हां वो तो ठीक है, लेकिन तुम लोग नंगी होकर क्या कर रही थीं।

पायल बोली- नंगी वो थी, मै और भाभीजी तो सिर्फ बेठे थे।

मै हँसते हुए बोला- हाँ तो तुम दोनों क्या उसका फिगर चेक कर रही थी।

पायल भी हँसने लगी और बोली- फिगर तो तुम चेक कर रहे थे। कैसे नज़रें ज़मा कर देख रहे थे उसे।

पायल फिर बोली- अभी अभी हम बाज़ार से आये थे शॉपिँग करके, तो वो अपने कपड़े चेक कर रही थी, कि तभी तुम पहुंच गए।

फिर पायल अंदर किचन में चली गयी और मै कमरे में।

रात को 10 बजे खाना खिलाने के बाद पायल मेरे पास आकर बैठ गई, उसने बिना ब्रा- पैंटी के मैक्सी पहन रखी थी।

मैने उसे उठाकर अपनी गोद में बैठा लिया और उसकी मैक्सी के सारे बटनों को खोलकर मै उसकी चूचियाँ सहलाने लगा।

पायल बोली- चूत में खुजली बढ़ गई है।

मैने उसके होंटों पे होंट लगाते हुए कहा- खुजली तो बढ़ेगी ही ! दवा तो तुम्हारी मेरे पास रखी है।

मैने पलंग के नीचे से दवा निकाल ली और बोला- अपनी चूत रानी को खोलो, क्रीम लगा देता हूँ।

उसने अपनी मैक्सी उतार दी, अब वो पूरी नंगी थी और जाँघों को चौड़ा करके मेरी गोद में बैठ गई, मै अपनी उंगली से उसकी चूत में क्रीम की मालिश करने लगा।

पायल बोली- मामाजी के घर में खुजली कम हो गई थी लेकिन कल रात को ये चढ़ गए और चोदने लगे। 20 दिन से नहीं नहाए हैं, कुछ कहती हूँ तो मारने लगते हैं। मेरे पीछे सस्ती रंडी भी चोद आते हैं, बड़ी दुखी हूँ, बहुत गंदे रहते हैं।

मैनें पायल से पूछा- तुमने ऐसे आदमी से शादी क्यों की।

पायल अपनी कहानी बताने लगी, बोली- मैने घर से भाग कर शादी की थी, तब मै 21 साल की थी। पापा की पोस्टिंग अहमदनगर में थी।

रवि अहमदनगर में मेरे पड़ोस में किराए पर रहने वाली आंटी के भांजे थे, इनसे दो साल से मेरे सम्बन्ध चल रहे थे। इन्होंने मुझे ये बता रखा था कि ये एक कंपनी में मैनेंजर हैं।

हर शनिवार और रविवार को आंटी के घर आते थे। पापा ने अपने एक दोस्त के बेटे से मेरी शादी तय कर दी थी, तुम्हारी तरह बहुत सुंदर और एम बी ए लड़का था, मुझे भी पसंद था।

लेकिन मैने अकाश के साथ सेक्स कर लिया था। मेरे मन में यह बात बैठी हुई थी कि जिसके साथ सेक्स कर लो, वो ही पति होता है।

इनसे शादी के लिए पापा मम्मी राजी नहीं थे, मै इनके साथ भाग गई और इनसे शादी कर ली, माँ बाप ने नाता तोड़ लिया। मुझे धीरे-धीरे इनकी असलियत पता लगने लगी ये दसवीं फ़ेल थे और बहुत दारु पीते थे।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *