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एक साथ तीन नंगी चूत

नमस्कार मित्रो. मै रिया राय. वही कैनेडा में मस्ती वाली.
बात तब की है जब मै और मेरी एक घनिष्ठ सहेली प्रिया के साथ लेस्बियन सेक्स का दिल से मजे ले रहे थे. तब हमें ये सब करते हुए हमें 4:-5 माह ही हुए थे.
हम दोनों सहेलियाँ एक दिन बाजार गई हुई थी. अचानक प्रिया की नजर हमारी एक और सहेली दिशा (बदला नाम) जिसके साथ कहानी.
वह अपने बच्चे और पति के साथ कुछ सामान खरीद रही थी. उसने मुझे दिशा के पास चलने की लिये कहा और हम दोनों उसके पास चल दी.
वह हमें देखकर बहुत खुश हुई.
मैने दिशा के बच्चे को गोद में ले लिया और उसके पति की नमस्कार करके बातें करने लगी.
थोड़ी देर बात करने के बाद प्रिया ने मेरी तरफ एक कामुक नजर देखकर मुझे आँख मारी पर मै उसका मतलब समझ नहीं पाई. पर 2:-3 इशारों के बाद मै उसका इरादा समझ गई. और मेरे मन में भी हवस जाग उठी थी. मैने भी उसे आँख मार दी. पर दिशा ये सब नहीं समझ पाई.
बात करने के बाद प्रिया ने कुछ दिन बाद उसके घर पर हम दोनों को बुलाया. वो अकेली ही थी. उसके घर पर आज कोई नहीं था.
मै पतिदेव से अनुमति लेकर सुबह जल्दी प्रिया के घर पर पहुंच गई.
जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो देखा कि वो पूरी नंगी ही थी.
जब मैने उसके बच्चे और घर के बाकी सदस्यों के बारे में पूछा तो उसने बताया कि सभी बाहर गए हुए हैं और रात तक लौटेंगे.

यह सुनकर तो मैने भी अपने सारे कपड़ों को निकालकर एक तरफ फेंक दिया और उसके साथ मै भी पूरी नंगी हो गई.
कुछ देर बातें करने के बाद हम एक दूसरे की किस करने लगीं बिल्कुल पागलों की तरह मुँह से पुच पुच्च और उम्म्म म्म्म्म उम्म्म्म की आवाज निकल रही रही थी.
थोड़ी देर बाद वो मम्मों को बुरी तरह से मसलने लगी. मेरे मम्मे तब इतने ही बड़े थे कि एक हाथ में पूरे भर सकते थे. पर मजा बहुत आ रहा था. मेरे मुख से निकल रहा था:- आह्ह्ह्ह आहह्ह्ह. बहुत मजा आ रहा है.
थोड़ी देर बाद उसने मम्मों को मसलना रोककर उन्हें चूसने लगी.
मैने उसे दूर किया और कहा:- पहले इन्हें जोर से मसल ना. फिर चूसती रहना.
और वो थोड़ी देर और मसलकर उन्हें चूसने लगी और काटने भी लगी.
मै धीरे धीरे गर्म होने लगी.
थोड़ी देर बाद वो मेरी चूत चाटने लगी तो मैने उसे रोका और हम 69 के आसन में आये और एक दूसरे की चूत को चाटने लगीं.
दोनों तरफ से बस सीईईईईए आआहहह्ह आईईस्स स्सस्स आह्ह्ह उम्म्म्म सीईईए आआःह्ह ह्ह्ह की सिसकारियाँ निकल रही थी.

थोड़ी देर बाद हम दोनों एक साथ झड़ गईं और दोनों ने एक दूसरी का रस निगल लिया. फिर उठ कर एक दूसरी को किस करने लगीं. क्या बताऊँ कितना मजा आ रहा था.
फिर मै उसके मम्मों को चूसने लगी. उसके मम्मों को चूसने का भी एक अलग ही आनन्द है.
उसके मम्मों को चूसते हुए हम एक दूसरे की चूत को मसलने लगीं और दोनों के मुँह से आह्ह्ह आहह अह्ह्ह अहहः आआईईईए आह्ह्ह्ह की आवाज निकाल रही थीं.
ऐसे ही हम दोनों एक बार फिर से झड़ गईं और दोनों के ही हाथ दोनों की चूत के रस से गीले हो गए थे तो हमने उन्हें एक कपड़े से साफ़ किया.
थोड़ी देर बाद प्रिया ने एक डिल्डो निकालकर कमर पर बाँधा और मेरी दोनों टांगों को उसके कन्धे पर रखकर सिर्फ 2 झटकों में ही पूरा अंदर मेरी चूत में डाल दिया. मेरी चीख निकल गई और चूत में दर्द भी होने लगा था.
मै उसे गाली देने लगी:- माँ की लौड़ी. मेरी चूत से बाहर निकाल इसे! बहुत तेज दर्द हो रहा है मेरी चूत में!
पर उसने मेरी नहीं सुनी और मुझे किस करने लगी.
मेरी चीख उसके होठों के छूने से दब गई थी.
अब वो मुझे किस करते करते मेरी चूत धकाधक चोदने लगी. मुझे अब मजा आने लगा था. मै भी बस सिसकारियाँ ले रही थी:- आह्हह अह्ह आह्ह एआईईईई ह्ह्हीई. चोद मुझे ऐसे ही. जोर से. चोद बहुत मजा आ रहा है. आह्ह्ह अह्ह्ह्ह!
कुछ देर बाद उसने आसन को बदल लिया और कहने लगी:- चल कुतिया बन. अब मुझे तेरी गांड चोदनी है!
मै तुरन्त ही कुतिया बन गई.

‘कुतिया.’ उसने मेरे एक चूतड़ पर जोर से चपत लगाई और डिल्डो को मेरी गांड के छेड़ पर लगाकर आहिस्ते से मेरी गांड में उतार दिया.
जब पूरा अंदर समा गया तब उसने धक्कों की गति तेज कर दी.
मुझे ऐसे चुदने में भी बहुत मजा आ रहा था और फिर कुछ देर बाद मेरी चूत को चोदने लगी.
लगभग 5 मिनट बाद ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.
थोड़ी देर बाद मैने डिल्डो को मेरी कमर पर बाँधा और मैने भी उसकी चूत गीली होने तक उसे चोदा.
उसके बाद हमने हमारी क्रिया को यहीं पर विश्राम दिया. बाथरूम जाकर हाथ धोये और फिर नंगी ही पूरे कमरे में रहीं.
तभी वो अपने पति की शर्ट पहनकर चाय बनाने चली गई और मै टी वी देखने लगी.
वो 2 कप चाय बनाकर ले आई. हमने चाय पी और एक दूसरे के मम्मों. और चूत से मस्ती करने लगीं.
आधे घण्टे बाद किसी ने दरवाजे पर आवाज लगाई. वो आवाज दिशा की थी तो उसने मुझे दरवाजा खोलने के लिये बोला तो मै टॉवल पहन कर दरवाजा खोलने गई.
दिशा मुझे ऐसे देखकर आश्चर्चकित हो गई.
मैने उसे अंदर बुलाया और दरवाजा लगाकर टॉवल निकाल दिया और प्रिया के बेडरूम में ले गई.
वो मुझे बार बार पूछ रही थी:- तू यहाँ पर नंगी क्यों और कैसे है?
पर मैने उसकी बात को अनदेखा कर दिया और उसे किस करने लगी.
वो मुझे छूटकर दूर हो गई.

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मैने उसे फिर किस किया पर 2 मिनट बाद वो फिर अलग हुई.
इस बार मैने उसे किस नहीं किया और जाकर बेड पर बैठ गई और कामुक अंदाज में मुस्कुराते हुए देखने लगी.
वो मुझसे बार बार पूछ रही थी कि तू यहाँ पर नंगी क्यों है और प्रिया कहाँ पर है?
पर मैने उसे सिर्फ इतना ही कहा:- क्यों मै तेरे सामने नंगी नहीं रह सकती क्या? और वैसे भी थोड़ी देर में तो तूभी तो नंगी होने वाली है.
मै उसे गर्म करने के लिये कामुक बातें करने लगी. पर इन बातों का भी उस पर कोई असर नहीं हुआ.
तभी प्रिया चुपचाप उसके पीछे आकर खड़ी हो गई. मैने उसे इशारा किया. जैसे ही उसने मुड़ कर देखा. प्रिया ने उसे धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर ही बैठ गई.
वो उससे छुटने लगी. या छुटने का नाटक कर रही थी. पता नहीं. पर बार बार यही बोल रही थी:- छोड़ मुझे. यह क्या कर रही है?
प्रिया:- कैसे छोड़ दूँ तुझे? अभी तो आई है. मजे तो करने ही पड़ेंगे.
दिशा:- तू ये क्या कर रही है. ये सब गलत है!
प्रिया:- अच्छा रिया के साथ किया. वो गलत नहीं है.
और वो मेरी तरफ आश्चर्य से देखने लगी.
मै:- ये हम दोनों का ही किया हुआ है. अच्छा होगा कि अब तू भी हमारा साथ दे और तीनों मजे करें. और झूठा नाटक बन्द कर. वैसे भी 2 से भले 3. क्या ख्याल है?
इसके बाद जो बातें हुई. वो लिखने का कोई मतलब नहीं है. अब आप समझ ही गए होंगे.

प्रिया ने उसकी चूत को दिशा के मुँह पर रख दिया और उसकी चूत को चाटने लगी. प्रिया भी सिसकारियाँ ले रही थी और मै दिशा की साड़ी नकालने लगी.
देखते ही देखते मैने उसकी साड़ी. पेटीकोट. और पेंटी निकाल दी पर ब्लाउज और ब्रा निकालना बाकी रह गया था क्योंकि प्रिया अभी उसकी चूत चटवा रही थी.
उसकी चूत बिल्कुल साफ़ थी. शायद सुबह ही साफ़ की होगी.
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तभी प्रिया की चूत ने पानी छोड़ दिया और उसे दिशा के मुँह में ही निकाल दिया. उसे खांसी आ गई. लेकिन उसने गर्दन को ऐसे पकड़ा था कि छूटना मुश्किल था.
जब तक वो सारा रस नहीं निगल गई उसने नहीं छोड़ा.
जब वो हटी तो ऐसा लग रहा था कि शायद वो उलटी शायद देगी पर ऐसा नहीं हुआ.
थोड़ी देर बाद उसके बदन पर ब्लाउज़ निकालना रह गया था. वो प्रिया ने निकाल दिया. पर उसकी साफ़ चूत देखकर मैने उससे पूछा:- तुझे जब मजा करना ही था तो ये सब नाटक क्यों किया?
वो हंसी और बात को घुमा फिरा कर बोलने लगी पर उसका मतलब हाँ था.
तो हम सब हंसी और फिर हमने एक साथ सेक्स किया.
मै दिशा को किस करने लगी और प्रिया हम दोनों के बीच में बैठ गई पहले उसने मेरी चूत को चाटा और फिर दिशा की चूत को. वो ऐसे ही थोड़ी देर मेरी चूत चाटती और थोड़ी देर दिशा की!
हम दोनों एक दूसरे को किस करने में मग्न थी और मुँह से बीएस आह्ह्ह ऊम्मम्म उम्म्मन पपऊऊउ प्पप्पलच्च्छ की आवाज निकाल रही थी.
उसके बाद प्रिया खड़ी हुई और हम दोनों भी अलग हो गई.
अब दिशा ने प्रिया को बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी चूत चाटने लगी. मै प्रिया के मम्मों को पी रही थी.
तभी पता नहीं मुझे क्या सूझा कि मै भी दिशा के साथ प्रिया की चूत को चाटने लगी.
हालांकि थोड़ी सी समस्या तो हो रही थी पर हमने तालमेल बैठ लिया. और दोनों एक साथ उसकी चूत चाटने लगीं. सच में दोनों ही अब मजे से प्रिया की चूत चाट रही थीं. और दोनों की जीभ भी आपस में टकरा रही थीं.
यह इस तरह का हम तीनों का ही पहला अनुभव था. हम तीनों ही आनन्द से सागर में डूब गई.
प्रिया तो जैसे पागल सी हो गई. उसने इस मदहोशी में हम दोनों की गर्दन को उसकी टांगों से तेज से तेज जकड़ लिया था और सिसकारियाँ लेते हुए बोल बस यही रही थी:- आअह्ह आह्ह्ह उंम्मनम्म्म. चूसो और जोर से. बिल्कुल ऐसे ही चूसो. बहुत मजा आ रहा है. उम्म्म्म्म आह्ह्ह्ह्ह्ज!
हम दोनों को चाटने में भी बहुत मजा आ रहा था. पर मुझे ऐसा लग रहा था कि प्रिया शायद नाटक कर रही है. पर हम उसके झड़ने तक उसकी चूत को चाटती रहीं.
जब उसकी चूत ने पानी छोड़ा तो कुछ रस मेरे मुँह में आ गया और कुछ दिशा के मुँह में उसने उसे थूक दिया पर मैने उसी रस लगे मुँह से उसे जबरदस्ती किस किया.
अब बारी मेरी थी. अब प्रिया और दिशा ने भी मेरी चूत को ऐसे चाटा!

पर अब मुझे लग रहा था कि प्रिया कोई नाटक नहीं कर रही थी. उसे सच में मजा आ रहा था.
इसी तरह हम तीनों ने एक दूसरी की चूत को चाटा.
थोड़ी ही देर में प्रिया ने 3:-4 नकली लंड निकाले और एक उसकी कमर पर बाँध लिया और मेरे मम्मों को मसलने लगी. मेरे मम्मे कुछ ज्यादा बड़े नहीं थे तब. पर बहुत ज्यादा मजा आ रहा था.
थोड़ी देर बाद मैने भी लंड को कमर पर बाँध लिया और शुरुआत दिशा से की.
पहले प्रिया बिस्तर पर लेट गई फिर दिशा ने भी देर न करते हुए प्रिया के ऊपर लंड को फंसाकर बैठ गई और खुद ही उछल कर मजे करने लगी.
मै लंड को दिशा के मुँह में डाल ही रही थी कि प्रिया दिशा से बोली:- तू एक साथ दो लंड का मजा भी ले ना. देख कितना मजा आएगा.
दिशा:- नहीं. मुझे बहुत दर्द होगा.
प्रिया:- अरे यार थोड़ी देर दर्द होगा. फिर मजा आयेगा.
दिशा:- नहीं यार!
मै:- अच्छा तू पहले एक साथ लेकर देख ले. अगर मजा नहीं आया तो बता देना हम नहीं करेंगे.
दिशा:- नहीं यार मेरे पतिदेव को पता चल जायेगा.
प्रिया:- क्या पता चलेगा? हम किसी गैर लोगों से थोड़ी चुद रही हैं? और वैसे भी तेरी गांड तो पूरी चूदी हुई है. तेरी क्या हम तीनों की ही गांड चुदी हुई है.
कुछ देर बाद मनाने के बाद दिशा तैयार हो गई. प्रिया ने तो पहले से ही लंड फंसाया हुआ था. तो मैने भी आहिस्ते पूरे लंड को उसकी गांड में घुसा दिया.
वैसे मुझे लंड को उसकी गांड में टिकने में कोई समस्या नहीं हुई.
दिशा के पति का लंड भी कुछ कम नहीं है. उसने बताया था. और दिल से ही उसकी गांड को चोदता है.
जब लंड अंदर तक चला गया तो अब हम दोनों ही धीरे धीरे धक्के लगाने लगीं.
हालांकि प्रिया को धक्के लगाने में थोड़ी समस्या जरूर हो रही थी क्योंकि यह उसका पहला अनुभव जो था पर धीरे धीरे उसे ये सब करने में मजा आने लगा और दिशा भी उछल उछल कर मजे लेने लगी:- आःह्ह अह्हह आआह्ह्ह एआह्ह एअह्ह हह्हह. चोदो मुझे और चोदो. बहुत मजा आ रहा है. आह अह्ह अह्ह ह्हह्ह आअह्ह्ह!
उसकी आवाज सुनकर प्रिया ने धक्के तेज कर दिए और थोड़ी देर बाद मैने भी!
इसी बीच दिशा झड़ गई और हम अलग हुए. दोनों ने ही लंड को बाहर निकाल लिया.
पर दिशा ने और चुदने के लिये कहा. मिन्नतें करने लगी. कहने लगी:- बहुत मजा आ रहा है.
तो हम दोनों भी मान गईं.
पर इस बार हमने जगह बदल ली. इस बार मैने दिशा की चूत और प्रिया ने गांड में लंड को डाला और धक्के लगाने लगीं.
इस बार प्रिया को धक्के लगाने में कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था और अचानक ही तेज धक्के लगाने लगी और दिशा भी मजे से उछल उछल कर हमारा साथ दे रही थी.
सच कहूँ तो मुझे भी धक्के लगाने में बहुत मजा आ रहा था.
तभी दिशा फिर झड़ गई और शिथिल पड़ गई.
अब हम अलग हुए तभी प्रिया ने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे चूतड़ पर चपत लगाने लगी.
कुछ देर बाद मै जैसे तैसे बैठी और देखा कि तक दिशा भी लंड को उसकी कमर पर बांध चुकी थी. यानि की अब चुदने का नम्बर मेरा था.

दिशा ने मुझे पेट के बल लेटाया और वो मेरे चूतड़ पर चपत लगाने लगी. यह देखकर प्रिया को भी जोश आया और वो भी मेरे चूतड़ पर जोर से चपत लगाने लगी.
अब दोनों ही मेरे दोनों चूतड़ पर जोर जोर से चपत लगा रहीं थी. मुझे जलन होने लगी पर मजा भी आ रहा था.
फिर मैने ही उन्हें लंड फंसाकर चोदने के लिये कहा. तो उन्होंने भी देर नहीं की और दोनों एक साथ धक्के लगाने लगीं.
क्योंकि मुझे पहले से ही 2 लंड साथ लेने का अनुभव है तो मुझे ये सब करने में कोई भी परेशानी नहीं हो रही थी. मै उछल उछल कर आवाज निकाल कर मजे ले रही थी.
जब चूत और गांड एक साथ चुद रही थी तो बहुत मजा आ रहा था. मै आँखें बन्द करके मजे ले रही थी:- आआह्ह अह्हह आआअह्ह ऊऊह्ह ऊऊह आआह्ह आआह्ह.
पर पता नहीं उन दोनों ने आपस में क्या इशारा किया कि दिशा ने. जो पहले मेरी गांड को चोद रही थी. ने लंड निकाल लिया.
मैने जब इसकी वजह पूछी तो वो कुछ नहीं बोली सिर्फ मेरी कमर को पकड़े रखा और फिर 2 जोरदार झटके में ही लंड को अंदर डाल दिया.
जैसे तैसे मैने दर्द को सहन कर लिया और प्रिया ने भी धक्के लगाने शुरू कर दिए. एक तरफ गांड का दर्द और चूत में मजा सच में एक नया सा अनुभव मिला.
ऐसी ही हरकत प्रिया ने भी की उसने भी लंड को चूत से निकाला और फिर 2 ही झटके में अंदर तक डालकर चोदने लगीं.
मै थोड़ी देर बाद झड़ गई.
और इसी तरह हमने प्रिया को भी चोदा.
कैसे चोदा वो आप समझ ही गए होंगें?
उस दिन हमने दो राउंड चुदाई की. फिर दोपहर तक नंगी ही रहीं और तीनों ने ही साथ में एक दूसरे को नहलाया.
अब मेरे और दिशा के साथ प्रिया भी जुड़ गई थी. पर तीनों ने ज्यादा नहीं किया. हाँ जब भी मौका मिला. हमने बहुत फायदा उठाया.
हम जब भी तीनों एक साथ होती थीं. प्रिया और मै तो तुरन्त ही नंगी हो जाती पर दिशा को जबरदस्ती ही नंगी करती.
हमें इसमें बहुत मजा आता था.
वो भी इसका कोई विरोध नहीं करती. पर अब हम ऐसा नहीं करती.
उसमें भी समय के साथ बदलाव आ गया है.
आज भी जब हम तीनों मिलती हैं तो लेस्बीयन सेक्स करती हैं.
हालांकि दिशा ने कभी भी गैर मर्द के साथ सम्भोग नहीं किया. सिर्फ प्रिया और मेरे साथ ही समलिंगी सम्बन्ध बनाये हैं.
और पिछले 16:-17 वर्षों से सिर्फ प्रिया से ही लगातार समलिंगी सम्बन्ध हैं जो अभी तक हैं.
जब उस रात को मै बच्चों को सुलाकर जब नंगी हुई तो पतिदेव भी पता नहीं किस मूड में थे. उन्होंने मेरे दोनों चूतड़ों पर जोर से चपत लगाई. तो मैने भी ख़ुशी ख़ुशी खुद को उनके हवाले कर दिया.
मेरे पति ने मुझे सोफे पर उल्टा लेटाकर बहुत देर तक मेरे चूतड़ों को लाल कर दिया.
जब जलन बहुत तेज होने लगी तो मैने उनसे छोड़ने की विनती की. उन्होंने चूतड़ पर मारना छोड़ा पर मेरे चूचों को मसलने लगे. और निप्पल को तो और भी बेरहमी से मसल रहे थे.
इसके साथ आनन्द भी बढ़ रहा था.
उन्होंने चूतड़ पर स्केल और बेल्ट से भी हल्के से मारा पर उनके हाथ से मारने में ज्यादा आनन्द आ रहा था.
जब यह करते हुए मै गर्म हो गई और उनका ‘वो’ भी खड़ा हो गया तो मैने उन्हें इशारा किया.
वो थोड़ा थके हुए थे पर लंड को उन्होंने मेरी गांड में फंसाया और सो गए.
उनकी ये हरकतें बदस्तूर आज भी जारी हैं.
आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी?
उम्मीद है अच्छे कमेंट्स ही करेंगे.

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