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गोरी अंग्रेजन चुद गयी

Antarvasna chudai ki kahani, desi kahani, hindi sex story,  यह घटना एक महीने पहले की है। मैं अपने वर्कशॉप से फ्री था.. तो मैंने पापा से कहा- मुझे आप अपनी गाड़ी दे दो.. मुझे मेहरानगढ़ का किला देखना है। पापा ने पहले तो मना किया.. पर मेरे काकोसा (चाचा) के कहने पर गाड़ी की चाभी दे दी। मैं वहाँ से पापा जी की जीप लेकर निकल पड़ा। वहाँ से मेहरानगढ़ किला करीब 15-16 किलोमीटर दूर था। मैंने रास्ते में से एक पेप्सी और चिप्स लिए और आराम से वहाँ पहुंच गया। मैंने टिकट ली और किले में दाखिल हुआ। मैंने देखा कि वहाँ पर बहुत सारे विदेशी सैलानी आए हुए थे।

सभी अपने अपने कैमरे से किले की खूबसूरती कैद कर रहे थे। तभी मेरी नज़र एक बाला पर गई और उसको देखते ही मेरे तो होश उड़ गए। क्या गजब लग रही थी.. एकदम दूध जैसी गोरी.. गोल चेहरा.. लाल सुर्ख होंठ.. आंखों पर काला चश्मा.. लंबे बाल.. टाइट शर्ट.. ब्लू जींस.. उसके आगे दीपिका, कैटरिना सब फेल नज़र आ रही थीं। तभी मुझे पीछे से कोई आवाज आई- हैलो.. तब मैं होश में आया, मैंने देखा कि मेरे पीछे एक गोरा खड़ा था, वो अंग्रेजी में बोला- हैलो भाई, क्या मेरी मदद करोगे? वैसे मुझे ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है.. पर सोशल मीडिया से मैंने काफ़ी अंग्रेजी सीखी है। मैं बोला- जी कहिए.. मैं क्या मदद कर सकता हूँ? उससे मेरी काफ़ी बातें इंग्लिश में हुई थीं लेकिन मैं सब हिंदी में लिख रहा हूँ। वो बोला- क्या आप मेरी एक फ़ोटो खींच देंगे? मैं- जी लाइए.. आप अपना कैमरा दीजिए। मैंने उसका कैमरा लिया और चार-पांच फ़ोटो खींच दिए। उसने ‘थैंक्स..’ बोला। मैंने उस गोरे से पूछा- क्या मैं आपके साथ एक फ़ोटो ले सकता हूँ? तो वो बोला- ठीक है.. लेकिन हमारी फ़ोटो लेगा कौन? यह अच्छा मौका जानकर मैं उस बाला के पास गया और बोला- क्या आप एक मिनट के लिए मेरी हेल्प करेंगी? तो वो मुस्कराई और बोली- ठीक है.. बोलो क्या करना है? मैंने उसको अपना मोबाइल दिया और बोला- आप हमारी एक फ़ोटो ले लीजिए। उसने मेरे मोबाइल से 2-3 फ़ोटो खींच दीं। मैंने उसे ‘धन्यवाद..’ बोला और आगे निकल गया। मैंने करीब एक घंटे में पूरा किला देख लिया और बाहर आ गया। तभी मैंने देखा कि वो बाला बाहर टैक्सी का इंतजार कर रही थी, मैंने जीप स्टार्ट की और उस बाला के पास चला गया। मैंने उससे पूछा- कहाँ जाना है आपको? वो बोली- मेरा दिल्ली में होटल बुक है और मुझे दिल्ली की बस पकड़नी है। मैंने उससे कहा- चलिए आप मेरी जीप में बैठ जाओ.. मैं आपको बस स्टैंड छोड़ दूँगा। उसने पहले तो मना किया.. पर मेरे एक बार और कहने पर वो मान गई और जीप में बैठ गई। उसने मुझसे पूछा- आपका नाम क्या है? मैंने कहा- जी मेरा नाम नरेश है.. मैं इसी शहर में रहता हूँ। मैंने उसका नाम भी पूछ लिया.. तो उसने बताया कि वो ऑस्ट्रेलिया के केनबरा से आई है, उसने अपना नाम पैरी बताया। बातों बातों में हम बस स्टैंड पहुंच गए, मैंने उसका बैग उठाया और टिकट ऑफिस में गए। मैंने दिल्ली जाने वाली बस के बारे में पूछा.. तो उस आदमी ने बताया कि दिल्ली की बस तो निकल गई है.. आज दिल्ली के लिए कोई बस नहीं है।

कल 11:00 बजे की बस है। यह सुनकर पैरी उदास हो गई। मैंने उससे कहा- कोई बात नहीं.. कल चली जाना। उसने कहा- प्लीज मुझे कोई होटल में छोड़ दो। मैंने उससे कहा- आप बुरा ना माने तो मेरे घर पर ठहर सकती हो। उसने ‘हाँ’ कर दी। मैंने उसे जीप में बैठने को कहा.. जीप स्टार्ट की और हम दोनों घर की ओर निकल आए। कुछ देर में घर पहुंच गए। मैंने घंटी बजाई.. तो भाभी सा ने गेट खोला। जब भाभी सा ने पैरी को देखा तो पूछा- ये कौन है? मैंने भाभी सा को सारी बात बताई और हम घर में अन्दर आ गए। पैरी ने जब घर को देखा तो उसके मुँह से आवाज निकल गई- वाओ.. मैंने पैरी को सोफे पर बैठने को कहा, भाभी सा भी उसके पास बैठ गईं, मैंने दोनों को ठंडा पानी पिलाया। फ़िर भाभी सा ने उससे फ्रेश होने को कहा और वो रसोई की तरफ जाते हुए बोलीं- मैं खाना बना देती हूँ। पैरी बाथरूम में चली गई, जैसे ही वो बाथरूम में गई, मैंने उसका कैमरा चैक करना शुरू कर दिया। मैंने कुछ फ़ोटो देखने के बाद उसका कैमरा रख दिया। अब तक पैरी भी बाथरूम से बाहर आ गई थी। क्या गजब की सेक्सी माल लग रही थी… उसके बालों से पानी टपक रहा था। उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, मैंने मुश्किल से अपने आपको कंट्रोल किया। वो मेरे पास आकर बैठ गई। तभी भाभी किचन से बाहर आ गईं और बोलीं- खाना तैयार है.. आ जाओ। मैंने तब जानबूझ कर उसका हाथ पकड़ कर चलने को कहा.. तो वो उठकर मेरे साथ चल दी। हम लोग खाना खा रहे थे कि मेरे भतीजे ने अपनी तोतली भाषा में जोक मारा जिससे मेरी हँसी छूट गई, पैरी मेरे सामने देखने लगी। मैंने उससे पूछा- क्या हुआ? तो वो बोली- कुछ नहीं.. बस तुम मुस्कराते हुए अच्छे लगते हो। हम तीनों ने खाना खा लिया। भाभी ने बोला- आप पैरी को उसका रूम दिखा दो। पैरी और मैं ऊपर चले गए, मैंने उसका सामान रखा, एसी चालू किया। तभी पैरी बोली- थैंक्स नरेश! मैंने उससे कहा- देखो तुम मुझे थैंक्स मत बोलो। मैं नीचे जाने लगा कि पैरी की आवाज आई- क्या तुम मेरे लिए लाइटर ले आओगे? मैंने कहा- पैरी लाइटर तो मेरे पास है लेकिन तुम लाइटर से क्या करोगी? उसने अपने जेब से सिगरेट का पैकेट निकाला और मुझे देते हुए बोली- एक जलाओ। मैंने सिगरेट जलाई और कश खींचने लगा। मैंने उससे पूछा- क्या तुम नहीं पियोगी? पैरी बोली- पहले तुम आराम से बैठ जाओ। मैंने उससे कहा- नहीं भाभी आ जाएंगी।

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उसने कमरे की कुंडी लगा दी और बोली- अब कोई नहीं आएगा। वो आई और बिस्तर पर बैठ गई। मैंने सिगरेट उसकी ओर बढ़ाई तो वो भी सिगरेट के कश खींचने लगी। मैंने पूछा- क्या तुमारा कोई ब्वॉय-फ्रेंड है? उसने बताया- पहले था.. लेकिन अब उससे मेरा ब्रेकअप हो गया है। उसने मुझसे पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? मैंने कहा- नहीं.. वो फिर हँसने लगी और बोली- तुम झूठ बोल रहे हो। मैंने कहा- कसम से.. मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.. पर मैं एक लड़की से प्यार करता हूँ.. उसका नाम वीणा है। मैंने कभी उसे अपने प्यार के बारे में बताया ही नहीं है। पैरी बोली- तुम उसे बताते क्यों नहीं हो कि तुम उससे प्यार करते हो? तो मैंने कहा- हिम्मत ही नहीं होती.. मुझे नहीं लगता कि मैं उसे पसंद आऊँगा। पैरी बोली- तुम बहुत ही सेक्सी मर्द हो.. तुम पर तो हजारों लड़कियां फिदा हो जाएंगी। मैंने कहा- तुम झूठ बोल रही हो। पैरी बोली- कसम से! तभी मैंने कहा- तो क्या तुम्हें भी मैं पसंद हूँ? पैरी बोली- बिल्कुल.. ‘तो क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?’ इतना कहकर मैं कमरे से बाहर निकलने लगा कि पीछे से आवाज आई- आई लव यू नरेश.. मैंने भी अन्दर आते हुए बोल दिया- आई लव यू टू पैरी.. तुम मुझे बहुत पसंद हो। मैंने उसके करीब आकर उसे अपनी बांहों में भर लिया। तभी मेरे जिस्म में बिजली का झटका सा महसूस हुआ। क्या हसीन लम्हा था वो.. तभी उसने कहा- अब छोड़ भी दो। मैंने कहा- नहीं.. ऐसे कैसे छोड़ दूँ, पहले एक चुम्बन करने दो। उसने कहा- कर लो। मैंने कस कर उसे बांहों में पकड़ लिया और उसके होंठों पर चुम्बन करने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैं धीरे-धीरे उसके चूचे दबाने लगा, वो भी गर्म होने लगी, करीब 15 मिनट तक चूमा-चाटी के बाद हम दोनों अलग हुए। यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं! पैरी बोली- अभी बहुत हो गया है। मैंने उसे पीछे से फिर पकड़ लिया और उसके मम्मों को दबाने लगा। तभी उसने कहा- अच्छा मानोगे नहीं.. तो चलो आओ बिस्तर पर.. हम दोनों बिस्तर पर आ गए, मैंने अब धीरे से उसका शर्ट ऊपर किया और उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा। मेरा एक हाथ उसकी जींस में घुस गया और उसकी चुत सहलाने लगा। अब वो बहुत गर्म हो गई और कहने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… प्लीज अब और ना तड़पाओ! मैंने अब उसके कपड़े उतार दिए, उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए, मैंने उसको चुम्बन किया और उसकी चुत की तरफ़ हो लिया। वाह.. क्या चुत थी एकदम कसी हुई.. लाल सुर्ख.. ऐसा लग रहा था.. जैसे बटर पर किसी ने लाल रंग डाल दिया हो। उसका चेहरा बहुत ही खूबसूरत लग रहा था। मैंने उसकी चुत पर अपनी जीभ लगाई और अन्दर-बाहर करने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। ऐसा कुछ मिनट तक चला। फिर मैंने उसको सीधा लेटने को कहा और उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया। मैंने अपने लंड को उसके मुँह में डाला और लंड चुसाई करवा कर लंड को गीला करवा लिया। अब मैंने उसके दोनों पैर उठाए और चुत पर लंड रखकर जोर का झटका मारा। मेरा आधा लंड उसकी चुत में घुसता चला गया, उसके मुँह से चीख निकल गई।

मैंने अपने होंठों को उसके होंठों पर रखा और धीरे-धीरे लंड अन्दर डालने लगा। कुछ झटकों के बाद वो भी सामान्य हो गई। अब उसे भी मजा आने लगा था। उसके मुँह से बहुत ही कामुक आवाजें आने लगीं। मैं तो जन्नत की सैर करने लगा। कुछ ही देर में पैरी झड़ गई। मैंने लंड बाहर निकाला और उसकी चुत का रस पीने लगा। मैंने फ़िर से लंड उसकी चुत में डाला और बहुत स्पीड से चोदने लगा, कुछ ही देर में मैं झड़ गया। मेरे साथ में पैरी भी दुबारा झड़ गई। अब हम दोनों ने होंठ मिलाए और एक-दूसरे को बांहों में कसकर भींच लिया। दोस्तो यह थी मेरी सेक्स स्टोरी.. आपको कैसी लगी.. जरूर बताइएगा.. धन्यवाद।

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