loading...

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-5

‘उम्म्म,,, . हाँ’
‘अच्छा बताओ तुम्हारा मनपसंद हीरो कौन है ?’
‘मेरा उम्म्म,,, .. हाँ.. मुझे तो अनिल कपूर अच्छा लगता है !’
मैं तो सोच रहा था,कि वो शाहिद कपूर, रणबीर कपूर, 

इस कहानी के अन्य भाग

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-1

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-2

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-3

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-4

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-5

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-6

loading...

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-7

तीसरा किस्स (Nice sex story) Part-8 [last]

ऋतिक रोशन जैसे किसी चिकने चॉकलेटी हीरो का नाम लेगी. मैने उस से कहा ‘अनिल कपूर ! ? अरे वो मुच्छड़?’
‘पता है उसने मिस्टर इंडिया में कितना अच्छा काम किया है. उसके पास एक जादू का रिस्ट बैंड होता है जिसको कलाई में पहन कर वो गायब हो जाता है.’ मोना ने ऑंखें नचाते हुए कहा फिर ठंडी सांस लेते हुए बोली ‘काश ऐसा ही बैंड मेरे पास भी होता !!’
‘अच्छा आप बताओ आप को कौन पसंद है ?’ मोना बोली.
‘आ,,, .न !! मुझे ? मुझे तो अजय देवगन अच्छा लगता है’
‘अरे ! वो अकडू,,, . ओह नो ! आप झूठ बोल रहे हैं !’
‘इसमें झूठ बोलने वाली क्या बात है ?’ मैने कहा.
‘पर लड़कों और आदमियों को तो फ़िल्मी हिरोइन पसंद होती है ना ? और अजय देवगन कोई लड़की थोड़े ही है ?’ मोना मेरा मखौल उड़ाते हुए हंसने लगी.
‘ओह,,, .!!’ मेरी भी हंसी निकल गई. मैने बात संवारते हुए कहा ‘भई मुझे तो सबसे ज्यादा मोना ही अच्छी लगती है और कोई नहीं !’ मैने उसकी नाक पकड़ते हुए कहा. मुझे तो बस उसके गाल, होंठ, नाक या नितम्ब कुछ भी छूने का बस बहाना ही चाहिए होता था. इस मौके पर मैं चाहता तो मोना को जोर से अपनी बाहों में भर कर किस्स भी ले सकता था,पर थोड़ी दूर पर 2-3 लौंडे लपाड़े खड़े हमारी ओर ही देख रहे थे, मैने अपने आप को बड़ी मुश्किल से रोका.

‘हूँ,,, . ह,,, .’ मोना ने मुंह सा बनाया.
‘अरे भई सच ,,, .! बाय गोड मैं तुमसे बहुत प्यार,,, . अररर मेरा मतलब है प्रेम,,, . वो ! वो ! बहुत चाहता हूँ मैं तुम्हें,,, .!’ मेरी जबान साथ नहीं दे रही थी.
मोना खिलखिला कर हंस रही थी ‘वो तो मुझे पता है कि आप मेरे पीछे पागल हैं और मेरे ऊपर लट्टू हैं पर मैं तो फ़िल्मी हिरोइन की बात कर रही थी.’ मोना ने अपने हाथों से अपनी हंसी रोकने की कोशिश करते हुए कहा.
मैं इस फिकरे का मतलब अगले दो दिनों तक सोचता ही रहा था. मैने फिर बात संवारते हुए कहा ‘उम्म्म,,, .. हाँ,,, . चलो मुझे जिया खान सबसे सुन्दर लगती है’
‘जि..इ..अआ,,, . जिया खान अरे वो !! एक नंबर की चीट ,,, . धोखेबाज !’
‘क्यों उस बेचारी ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ?’
‘अरे आप उसे बेचारी कहते हैं आप नहीं जानते उसने निःशब्द में अमित अन्कल से पहले तो प्यार का नाटक किया और बाद में छोड़ कर चली गई ! च ! च,,, . बेचारे अमित अंकल उसकी याद में कितना रोये थे! मैं होती तो कभी छोड़ कर न जाती !’ मोना ने जिस अंदाज में कहा था,मैं तो उसकी इस अदा पर दिलो-जान से कुर्बान ही हो गया. साला रामगोपाल वर्मा भी एक नंबर का गधा है अगर निःशब्द बनानी ही थी तो मोना और मुझे लेकर बनाता तो बात ही कुछ और होती. मेरा दावा है गोल्डन जुबली तो जरूर हो जाती.
खैर मैने बातों का रुख बदलते हुए पूछा ‘अच्छा बताओ तुम्हारी उम्र क्या हुई है?’
‘तीस अप्रैल को में मैं पूरी अट्ठारह साल की हो गई हूँ, क्यों ?’

‘लेकिन,,, . जिज्जू आप क्यों पूछ रहे हैं?,,,  छोड़ो इन बातों को ! मेरा हाथ देखो ना !’ मोना थोड़ा सा झुंझलाते हुए बोली.
मैने उसका हाथ अपने हाथों में ले लिया. नाज़ुक मुलायम चिकनी हथेली और पतली पतली अंगुलियाँ. इन नाजुक हाथों से अगर ये मेरा पप्पू पकड़ ले तो मैं सारी कायनात न्योछावर कर दूँ.
उसके हाथ को थोड़ा सीधा करते हुए और धीरे धीरे मसलते हुए मैने कहा,’देखो यह तुम्हारी जीवन-रेखा है !’
मैने ध्यान से देखा उन्नीसवें साल में उसे बहुत बड़ा शारीरिक कष्ट आने वाला है. मैं इस कष्ट को अच्छी तरह जानता था,पर मैने उसे नहीं बताया.
‘हाँ आगे बताइये !’
‘अच्छा ये तुम्हारी विद्या-रेखा है’ मैने अपने अंगुली को विद्या रेखा वाली जगह रखा तो मेरी ओर देखने लगी. मैने पूछा ‘तुम जीवन में आगे क्या बनाना चाहती हो?’
‘पापा तो कहते है तुम एम.बी.ए. या सी.ए. कर लो. आप क्या कहते हो ?’
‘मैं तो एम.बी.बी.एस. करके डॉक्टर बनना चाहता था,पर नहीं बन पाया क्या तुमने कभी डॉक्टर बनाने के बारे में नहीं सोचा ?’

‘अरे बाप रे ! उसमें तो बहुत पढ़ाई करनी पड़ती है ? आँखों पर मोटा सा चश्मा लग जाता है !’
‘तो क्या हुआ ! कुछ बनाने के लिए कुछ मेहनत तो करनी ही पड़ती है, और फिर दूसरो को इंजेक्शन लगाने में तुम्हे मजा भी तो आएगा !’ वो हैरानी से मुझे देखने लगी और मैं हंसने लगा.
मोना ने कहा ‘चलो वो बाद में सोचेंगे, हाँ ! आगे बताइये !’
‘और ये तुम्हारी हार्ट-लाइन है !’
‘हुम्म्म्म्म’
‘और ये शुक्र पर्वत है.’ मैने उसकी हथेली के एक ओर इशारा करते हुए कहा.
‘हाँ हाँ ! शुक्र पर्वत के बारे में बताइये !’
‘क्यों तुम शुक्र पर्वत के बारे में ही क्यों जानना चाहती हो? तुम्हें जीवन रेखा या हृदय रेखा के बारे में नहीं जानना ?’ मैने पूछा.
‘नहीं पहले शुक्र रेखा, आई मीन, पर्वत के बारे में बताइये !’ वो फिर जिद्द करने लगी. उसने बाद में बताया था,कि एक दिन कोई पंडितजी उनके घर आये थे और वो माँ का हाथ देख रहे थे. पर जब शुक्र पर्वत की बात आई तो पंडितजी और माँ ने उसे बाहर भेज दिया था. पता नहीं ऐसी क्या बात थी जो उसके सामने नहीं बताना चाहते थे.
अगर आपको थोड़ा बहुत हस्त रेखाओं का ज्ञान हो तो आप जानते होंगे कि शुक्र ग्रह को सेक्स का ग्रह माना जाता है. जिसका शुक्र पर्वत जितना ऊँचा उठा होता है सेक्स के मामले में वो उतना ही ज्यादा कामासक्त और सक्रिय होता है. मैं जानता हूँ शितल एक नंबर की चुद्दकड़ है. जब से रमेश एक एक्सीडेंट के बाद सेक्स के मामले में कुछ ढीला हुआ है शितल के सेक्स कि भूख और ज्यादा बढ़ गई है. 

मैं भी उसे चोद चुका हूँ उसकी गांड भी मार चुका हूँ. ऐसी ठरकी औरतें एक मर्द से कभी संतुष्ट नहीं होती. (खैर मेरा ये अनुभव ‘नन्दोइजी नहीं लंन्दोइजी’ नाम से बाद में पढ़ लेना)
हे भगवान् ! तू कितना दयालु है. मेरे जैसे भक्त के ऊपर कितना मेहरबान है. मोना का शुक्र पर्वत उसकी माँ से भी ज्यादा उंचा है. आप समझ गए होंगे मेरी तो लाटरी ही लग जायेगी. इतनी हसीन नाज़ुक कमसिन कच्ची कली मेरे सामने अपना हुस्न लुटाने बेताब बैठी है. या अल्लाह,,, .. सॉरी ! लिंग महादेव,,, .
‘ओफ्फो,,, . जीजू बताइये न ?’
‘हाँ हाँ,,, . देखो ये जो शुक्र पर्वत होता है ये कामगुरु होता है और उसे नियन्त्रित करता है.’ मैने उसे समझाते हुए कहा.
‘ये काम-गुरु क्या होता है ?’ मोना ने पूछा.
अब मेरे लिए उलझन का वक़्त था. क्या सब कुछ स्पष्ट शब्दों में बोल दूँ या फिर थोड़ा घुमा फिरा कर उसे समझाऊं. मेरा पप्पू और दिल तो कह रहे थे- गुरु ! लोहा गरम है और खुदा मेहरबान है (क्या पता इतनी जल्दी लिंग महादेव प्रसन्न हो गए हों) मार दो हथोड़ा ! क्यों इधर उधर भटक रहे हो, इस कच्ची कली को प्यार से लंड और चुत की परिभाषा साफ़ साफ़ बता दो.

लेकिन फिर मस्तिष्क ने कहा- कुछ पर्दा तो रखो ! अगर उसने अपनी माँ या बुआजी से कुछ उलटा सीधा कह दिया तो हाथ में आई मछली फिसल जायेगी और तुम जिंदगी भर इस कमसिन कली की याद में अपना लंड हाथ में लिए मुठ मारते रह जाओगे. इस अनछुई नाज़ुक चुत (सॉरी बुर) को चोदने के सारे सपने एक मिनट में स्वाहा हो जायेंगे.
मैने एक जोर का सांस लिया और एक मिनट में सब कुछ सोच लिया. मैं इतना पागल नहीं था,कि ऐसा सुन्दर मौका हाथ से निकल जाने देता.
‘देखो, मैं तुम्हे साफ़ साफ़ समझा तो दूंगा, पर मेरी एक शर्त है ?’ मैने कहा.
‘वो क्या ?’ मोना ने हैरत भरी नज़रों से मुझे देखा.

‘देखो तुम्हारी माँ भी कुछ बातें तुमसे छुपाती हैं ? है ना ?’
‘हां..न ?’
‘तो तुम भी वादा करो कि हमारे बीच जो बाते हो रही हैं या भविष्य में होंगी उनके बारे में अपनी माँ या बुआजी किसी को कभी नहीं बताओगी !’

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...