loading...

देसी आंटी की चूत चुदाई – मम्मी की सहेली

मै जय 23 साल का लड़का डेल्ही में रहता हूँ मेरे परिवार में चार लोग हैं पापा। मम्मी। बहन और मै!
मेरे पड़ोस में 36 साल की एक आंटीजी रहती हैं जिनका नाम रेखा है। उनका अपने पति के साथ डाइवोर्स हुआ है। वे अपने 8 साल के लड़के के साथ अकेली रहती हैं। उनको देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। उनके बूब्स 42 के हैं कमर 36 की है। गाँड भी बहुत बड़ी है। उनको देख कर मेरा मन करता था कि उनको चोद दूँ लेकिन मै अपने आप को कंट्रोल करता था। मुझे डर भी था कि आंटीजी मेरी शिकायत ना कर दें मेरी मम्मी से!

एक दिन जब मै आंटीजी के घर पर गया था तो मैने देखा आंटीजी ने मैक्सी पहनी थी। उसके नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। वो घर में झाड़ू लगा रही थी।
आंटीजी नीचे झुकी तो मै उनके बड़े बड़े बूब्स देख कर पागल हो गया। मेरा लंड मेरे हाफ पैंट में पूरा हार्ड हो गया। मै उसको पैंट में सेट कर रहा था तो आंटीजी ने ये नोटिस कर लिया।
आंटीजी बोली:- ये क्या कर रहा है?
मै डर कर बोला:- कुछ नहीं!
और वहाँ से चला आया।

चार दिन बाद जब आंटीजी हमारे घर पे आई। मैने देखा कि उन्होंने स्लीवलेस ब्लाउज पहना था। मैने देखा उनकी क्लीवेज दिख रही थी।
आंटीजी मम्मी से बात कर रही थी। उन्होंने मम्मी से बोला कि जय को थोड़ी देर बाद घर भेज देना। कुछ काम है।
और वो चली गई।

मै मम्मी के कहने पर 2 घंटे के बाद उनके घर गया।
आंटीजी ने दरवाजा खोला। मैने देखा तो मेरे होश उड़ गये क्योंकि आंटीजी सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में थी।
आंटीजी मुस्कुरा दी और बोली:- अंदर आ जाओ!
मै अंदर गया।

आंटीजी का सेक्सी बदन देख कर मेरी हालत खराब हो गई। मेरा लंड पूरा हार्ड हो गया।
रेखा आंटीजी बोली:- उस दिन क्या देख रहा था?
मै हिम्मत करके बोला:- आपके बूब्स देख रहा था!
वो बोली:- इनको छूना है क्या?
मै बोला:- हाँ!

तो आंटीजी ने चुदाई के जोश में मुझे पकड़ लिया और मुझे किस किया। मै भी जोश में आ गया और उनका ब्लाऊज निकाल दिया। दोनों बूब्स को दबा के चूसने लगा।
आंटीजी भी सिसकारियाँ ले रही थी ‘ उह उम्म्ह. अहह. हय. याह. ह्न्न.’

मैने अपना हाथ आंटीजी के पेटीकोट में डाला। उनकी चुत में उंगली करने लगा।
थोड़ी देर बाद आंटीजी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए। मेरे 6 इंच के लंड पकड़ा और हाथ से हिलाने लगी और फिर आंटीजी मेरा लंड चूसने लगी।
10 मिनट चूसने के बाद मेरा माल निकल गया। आंटीजी सारा माल पी गई।

फिर मैने आंटीजी का पेटीकोट उतार दिया और पेंटी भी।। और मै आंटीजी की चुत में उंगली डाल कर अंदर बाहर करने लगा। आंटीजी ने मुझे चुत चाटने को बोला। मैने मना किया तो ज़बरदस्ती मेरा सिर पकड़ कर मुझसे अपनी चुत चटवा ली।

अब मुझे भी मजा आ रहा था आंटीजी की क्लीन शेव चुत को चाट कर.

loading...

आंटीजी चुदाई के लिए बेचैन थी। मैने आंटीजी को बेड पर लिटा दिया और आंटीजी की चुत में लंड लगा कर एक ज़ोर का झटका मारा। आधा लंड आंटीजी के चुत में गया। आंटीजी चुदाई के आनन्द से सिसकारियाँ ले रही थी।
मैने अपनी स्पीड बढ़ाई और ज़ोर ज़ोर से आंटीजी को चोदने लगा। मेरा पूरा लंड आंटीजी के चुत में आ जा रहा था और रूम में चप चप की आवाज़ आ रही थी।

कुछ मिनट की आंटीजी की चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला था। मैने आंटीजी को बताया तो वो बोली:- मेरी चुत में ही झड़ना!
मैने वैसा ही किया।

थोड़ी देर मै आंटीजी के नंगे बदन के ऊपर ही लेटा रहा. अभी लंड आंटीजी की चुत में ही था। लंड झड़ने के बाद भी खड़ा ही था तो आंटीजी बोली:- तेरा चुदाई पवर तो बहुत ज़यादा है!
फिर हम दोनों बेड पर पड़े रहे।

आंटीजी चुदाई की यह हिंदी चुदाई स्टोरी आप रियलकहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

थोड़ी देर बाद आंटीजी को मैने घोड़ी बनने बोला। वो बन गई। मै फिर आंटीजी की चुत मारने लगा। 15 मिनट बाद मैने इस बार आंटीजी की चूची पर अपना माल निकाला।
आंटीजी बोली:- बहुत मज़ा आया तुम्हारे साथ चुदाई करके!

आंटीजी ने मुझे किस किया और बोली:- तेरा जब मन करे। आ जाना अपनी अंती के साथ चुदाई करें!
मै खुश हुआ और आंटीजी को गले लगाया. मैने आंटीजी को बोला:- अपनी आंटीजी की गाँड मारूँगा अगली बार!
आंटीजी बोली:- अभी नहीं. तुझे तेरे बर्थडे पे अपनी गाँड का गिफ्ट दूँगी।
आंटीजी बोली:- तू मेरी चुत कभी भी मार सकता है!

तो मै बोला:- आंटीजी मुझे गाँड के लिए कई महीने इंतजार करना पड़ेगा?
आंटीजी मुस्कुरा कर बोली:- सबर का फल मीठा होता है!
और मेरे लंड को किस करके बाथरूम में फ्रेश होने चली गई।

मैने भी अपने कपड़े पहन लिए।

तो दोस्तो कैसी लगी मम्मी की सहेली को चोदने की मेरी चुदाई स्टोरी?

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...