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दोस्त की वाइफ के साथ थ्रीसम किया

पिछले साल बंगलोर से ट्रान्स्फर होकर चेन्नई गया था। कंपनी मे काम का लोड ज्यादा था तो काम मुझे 8 pm तक करना पड़ता था। मेरे फ्रेंड्स मुझे कहते थे की प्रभात इतना काम मत किया कर। क्यो की में एक शरीफ आदमी था।

  • तो लोग मुझे रेस्पेक्ट देते थे। 
  • मेरी उम्र 27 साल है। 
  • और 6″1 हाइट, 
  • नॉर्मल कलर है। 

मेरी ही कंपनी में एक दिनेश नाम का लड़का जॉब करता था। उम्र 30 साल होगी। टाईम के साथ हम दोस्त बने और बाते करते रहते थे। बातो बातो में उसने बताया की वो अपनी वाइफ के साथ चेन्नई मे रहता है।
एक दिन बातो बातो मे उसने थोड़ी मस्ती वाली बाते कर दी और कहा की उसकी वाइफ मस्त है वो लाइफ का बहुत मजा ले रहा है। फिर उसने मेरे बारे मे पूछा तो मैंने कहा की मेरी वाइफ अच्छी है और उसमे सभी कुछ अच्छा है। एक माह ऐसे ही बीत गया और और वो ज्यादा से ज्यादा ओपन होता गया।
एक दिन शाम को हम दोनो ऑफीस से निकले तो वो साथ साथ गेट तक आया। फिर उसने मुझ से कहा की में आप से कुछ बात करना चाहता हूँ। मैंने कहा बोलो तो उसने कहा की आप एक अच्छे इंसान हो। पूरी कंपनी मे आप ही मुझे सिंपल और स्ट्रॉंग इंसान लगते हो।

 आप अकेले रहते हो वाइफ से दूर अगर आप चाहो तो में आपकी मदद कर सकता हूँ…
मैंने कहा पर कैसे इस पर दिनेश ने कहा की आप मेरी बीवी को चोद लो। उसके मूह से चोद और ऐसे वर्ड सुन कर हैरान रह गया। मैंने कहा यार अचानक क्या हुवा।
वो बोला की मेरी पत्नी शीतल बहुत सुन्दर है आपको बहुत मजा आएगा।

 मैंने कहा पर मुझे खुश करने के लिए तुम अपनी बीवी क्यो चुदवा रहै हो… मैंने कहा की ये नही हो सकता अगर मेरा मूड होगा तो बाहर कर लूँगा। और हम चले गये।
फिर दिनेश ने मुझे रात को फोन किया और कहा की मेरी बीवी की चूत मार लो वो बहुत मस्त है एक बार देख तो लो… वो बहुत मस्त है। मैंने कहा की मुझे क्लियर बताओ क्या तू उसे चोद नही पाता। तेरा लंड खड़ा नही होता।

 दिनेश ने कहा की प्रभात ऐसा नही है। हम बहुत मस्त चुदाई करते है पर मुझे अपनी बीवी को चुदवाने का दिल कर रहा है और तुम्हारे से अच्छा और मस्त इंसान मुझे नही मिल सकता।

 दिनेश ने कहा की तुम से चुदवाना सेफ रहैगा और मेरा सपना उसे चुदवाते हुये भी पूरा हो जाएगा।
प्रभात मैंने सोच कर तुम से अपनी बीवी को चुदवाने का सोच लिया है एक बार शीतल को देख लो अगर नही करना है तो मत करना। और तुम्हारा लंड भी अच्छा है। मैंने उस दिन टॉयलेट मे तुम्है मूठ मारते हुवे देखा था। शीतल को आप का लंड अच्छा लगेगा।

आप ये कहानी रियलकहानी.कॉम पर पढ़ रहै है।
मैंने दिनेश को कहा की क्या शीतल तेयार है इसके लिए… दिनेश ने कहा की वो मान जाएगी जब मे आपसे मिलवाऊंगा। शीतल की टेंशन मत लो बस अपना मूड बनाओ उसे चोदने का। एक बार प्रभात हां कर दो। हम मिल कर चोदेगे उसे। मैंने कहा ठीक है में कल आता हूँ।
अगले दिन ऑफीस का काम खत्म करके में दिनेश के साथ उसके घर गया बेल बजाई और दिनेश ने अपने घर का दरवाजा खोल दिया क्यो की शीतल की आवाज़ आई की दरवाजा खुला है। में अंदर जा कर सोफे पर बेठ गया।

 तभी वो किचन का काम कर रही थी मुझे फेस तो नही दिखा पर जितना दिखा उसने मेरा लंड खड़ा कर दिया।
उसने ग्रीन कलर की साड़ी पहनी हुवी थी। मुझे सिर्फ़ उसके पावं दिखे। इतने गोरे और लाल की मे पागल हो गया। दूध से भी ज्यादा गोरे पावं थे जैसे ही वो तोड़ा आगे हुवी तो उस की हाइ हिल से उसका पावं उपर हुवा और पावं की रेड सोल दिखी।

मैंने लाइफ मे इतने सुन्दर क्लीन वाइट पावं नही देखे थे। मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे देखे कर अपने आप को उसे चोदने के लिए हां कर दी। फिर दिनेश ने मुझे स्माइल दी और मेरे उठे हुवे लंड की तरफ देखा। मैंने छुपाने की कोशिश की पर उसने स्माइल दी और मेरे खड़े हुवे लंड को देखने लगा।
फिर शीतल चाय लेकर आई और में तो उसे देख कर पागल हो गया। एक दम हिरोइन की तरह थी वो। और में समझ गया की इतनी सुन्दर बीवी होगी तो दो लंड तो चाहिए ही। एक लंड से क्या होगा इसका। मैंने नमस्ते की और उसने भी नमस्ते कहा।

फिर मुझे चाय दी और पास मे बेठ कर पूछने लगी मेरी नज़र ना चाह कर भी उसके पेर पर जा रही थी। में वहाँ से नज़र नही हटा पा रहा था। फिंगर भी बहुत प्यारी थी। तभी दिनेश ने पूछा की प्रभात अब बोलो हां की ना। मैंने एक दम ही कह दिया हां। वो हंस दिया।
तभी उसने कहा की शीतल प्रभात तुझे चोदना चाहता है। बोल चुदवाना है इससे। शीतल शर्माने लगी और सिर झुका लिया। में समझ गया की दिनेश ने पहले ही शीतल से बात कर ली थी। तभी दिनेश ने कहा की प्रभात मेरी बीवी के पावं कैसे लगे। मैंने कहा बहुत सुन्दर है… चल मेरी बीवी के पावं चाट और उन की खुशबु ले…

तभी शीतल बोली की दिनेश क्या कह रहै हो। प्रभात जी प्लीज़ ऐसा कुछ नही है आप आराम से बेठो तभी दिनेश ने मुझे सेक्सी नज़र से देखा और करने का इशारा किया। में शीतल के पास गया और नीचे बेठ गया। शीतल ने अपने दोनो पावं मेरी गोद मे रख दिए।

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मैंने उसके गोरे पावं को पास से देखा तो पागल हो गया। इतने नरम नरम लाल। इससे पहले मे कुछ करता। शीतल ने मुझे उसकी हाइ हील निकालने को कहा। मैंने जैसे ही एक हील निकाली उसने अपने पावं को मेरे लंड पर मलना स्टार्ट कर दिया और दूसरे पावं की तले को मेरी लिप्स के पास गाल के पास रगड़ने लगी। इतनी अच्छी खुशबु से मे सब भूल गया।

शीतल ने मुझे कहा की प्रभात मेरे पावं के हील चाट कर सॉफ कर दो। में पागलो की तरह उसके हील के हिस्से को चाटा जहाँ उस के पावं का सोल टच था। फिर उसने मुझे उसके पावं पर सिर टेकने के लिए कहा मैंने दोनो पावं पर अपना सिर लगाया और उनके दोनो पावं को चूमा तब तक दिनेश भी पास आ गया था और उसने शीतल के बोब्स मसलने लगा।

शीतल आहह बरती हुवी मेरे मूह के पास अपने पावं रगड़ने लगी। मुझसे रहा ना गया और उसके पावं का अंघूटा मूह मे लेकर चूसने लगा। उसने अपने दोनो पावं के अंघूटे मेरे मूह मे डालकर आगे पीछे करने लगी। में तो दूसरी दुनिया मे चला गया। आप ये कहानी  रियलकहानी.कॉम पर पढ़ रहै है।

उसने पावं के तले मेरी जीभ पर चलाने लगी और कहा की मेरे पावं के तले चाटो अच्छे से। लाल कर दे। तभी शीतल ने अपने पति की पेंट खोलनी स्टार्ट कर दी। और उसके लंड को बाहर निकाल लिया। में दिनेश के लंड को देख कर हैरान रह गया। 7 इंच गोरा लंबा और मोटा। उसके लंड का टॉप बहुत ही मोटा और सुन्दर था।
मेरा लंड भी 6।5 गोरा और मस्त है पर दिनेश का लंड मुझसे भी मस्त था। तभी दिनेश ने पूछा की मेरी बीवी के पावं का टेस्ट कैसा लगा। मैंने कहा बहुत टेस्टी है तेरी बीवी के पावं। तभी शीतल ने मुझे कहा की वो अपने पावं अलग पोज़िशन मे चुस्वाएगी तभी उसने अपने पावं दिनेश के लंड के पास ले गयी और मुझे पावं चूसने को कहा उसने अपने पति के लंड पर अपने पावं को रगडा और अंगूठा मेरे मूह मे डाल कर चुसवाया।

उसके लंड को दोनो पावं के सोल मे रगड कर मुझसे अपने पावं के तले चटवाए। मुझे उसके पावं का टेस्ट और भी मस्त लगा। दिनेश का लंड वैसे भी बहुत सुन्धर था और इतने मस्त के लिए मे दिनेश का लंड का प्री कम भी चाट सकता था। तभी शीतल ने दिनेश के लंड को पावं से पकड़ा और मुझे पावं चाटने को कहा।

में जब पावं चाट रहा था तो दिनेश का लंड मेरे लिप्स पर लग रहा था तभी शीतल ने अपने पावं का अंघूटा अपने पति के लंड के टॉप पर लगाया और मुझे कहा की मेरा पावं का अंघूटा मूह में लो। जैसे ही मैंने उसका मूह में लिया तो दिनेश के लंड का टॉप भी मेरे मूह मे चला गया। में दोनो को एक साथ चूसने लगा।

तभी शीतल ने मुझे पकड़ कर कस के झुका दिया और उसका अंघूटा और लंड मेरे मूह में अंदर चला गया। तभी शीतल ने अपने अंघूटा निकाल लिया और मेरे बालो में अपने पावं को चलाने लगी। अब मेरे मूह मे दिनेश का लंड था और में उसे चूसने से अपने को रोक नही सका। उसके लंड पर शीतल के पाँव का टेस्ट था जिसे चूसने मे मजा आ रहा था।

बस वो मेरे गालो पर अपने पिट घूमाती गयी और में दिनेश को हार्ड सकिंग देता गया। फिर दिनेश ने अपना लंड मेरे मूह से निकाला और कहा की तुझे मेरी बीवी चोदनी है… चल शीतल इसके पेंट मे जो टेंट है वो देख कितना है… शीतल ने मेरी पेंट खोली और अंडरवेयर बिना निकले मेरे लंड को कसके दबाया।
फिर उसने मुझे टेबल की चेयर पर बिठाया और खुद टेबल पर बेठ कर अपने पावं से मेरे अंडरवेयर मे अंदर मस्ती करने लगी। तभी उसने दिनेश को नीचे बेठने को कहा और बोला की मेरे पिट दबाओ। आप ये कहानी  रियलकहानी.कॉम पर पढ़ रहै है।

दिनेश ने मेरा अंडरवेयर निकाला और दूर फेंक दिया तभी शीतल बोली की मस्त लंड है सालो तुम दोनो मिलकर मुझे पूरी रात मज़ा दोगे। i love u दिनेश जो तुमको मेरा इतना ख्याल है। मेरे लिए गर्व की बात होगी की अपने पति के सामने दूसरे मर्द से चुदुंग।

आहह। कितना मजा आएगा जब दो लंड मेरे लिए पागल होगे। तभी उसने मेरे लंड पर पावं फिरना सुरू कर दिए और दिनेश उसकी लेग्स चूसता हुवा उसके पिट की तरफ बड़ा। प्रभात तेरे लंड के साथ मेरी बीवी के पावं और सेक्सी लग रहै है। और वो मेरे लंड को और शीतल के पावं चाटने लगा। शीतल ने मेरे लंड को दोनो पावं के बीच मे लेकर उपर नीचे करने लगी और दिनेश मेरे लंड का टोपा चूसने लगा।
मेरी हालत खराब होती गयी तभी शीतल ने अपने दोनो पावं दिनेश के सिर के उपर रख कर कस के दबा दिए और मेरा पूरा लंड दिनेश के मूह मे चला गया। शीतल बोली की दिनेश चूस चूस कर इसे मेरे लिए मस्त तेयार कर। तभी शीतल ने अपना एक पावं उठा कर मेरे मूह मे डाल दिया।

तभी उसने अपने पावं से दिनेश को मेरे लंड से अलग किया और अपने दूसरा पावं उसके मूह में डाल दिया। हम दोनो पागलो की तरह उसके पावं चूसने लगे और वो अपने बोब्स दबाने लगी। तभी उसने कहा की आज से तुम दोनो मेरे गुलाम हो और लवर भी।

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