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इसने चोदा, उसने चोदा, न जाने किसने और चोदा

Chudai ki kahani, इसने चोदा, उसने चोदा और न जाने किसने किसने चोदा मेरे सुहागरात में। आगे देखिये किसने और चोदा। इस कहानी के टाइटल से ही लग गया होगा आपको की ये एक जबरदस्त कहानी है।
दोस्तो, यह कहानी नहीं, यह मेरी दास्ताँ है।
आप देखिये कितने लोगों ने चोदा मुझे हनीमून में?
और मैंंने किसी को निराश नहीं किया, खुल कर चुदवाया सबसे, सबके लौड़े चाटे, चुसे और भून कर निकाला अपनी चुत से।
मुझसे जब पूछा लोगों ने कि बेनज़ीर तेरी सुहागरात कैसी रही? तो मैंंने सबको यही जबाब दिया:

लंड खुल गये हनीमून में, सबने चोदा हनीमून में
मुँह में लौड़ा, बुर में लौड़ा, गांड में लौड़ा हनीमून में !

माहौल ही कुछ ऐसा बन गया था कि
लोग चोदते रहे मुझे और मैंं चुदवाती रही!
न मैंंने किसी को रोका और न कोई रुका।
लोग पेलते रहे लंड और मैंं पिलवाती रही लंड!
लोग चुसवाते रहे लंड और मैंं चुसती रही लंड !
लोग मारते रहे गांड और मैंं मरवाती रही गांड!

पहले तो मैंं तीन लंड तक गिनती रही पर जब मुझे मालूम हुआ कि चोदने वाले और भी हैं तो मैंंने लौड़ों की गिनती करना ही छोड़ दिया।

लोगों ने शायद सोचा कि यह नई नवेली दुल्हन है अभी दो तीन लोगों से चुदवा कर पस्त हो जाएगी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह दुल्हन उन सबको ही पस्त कर देगी जो जो इसे चोदने आएगा!

बस फिर क्या था, धड़ाम धड़ाम एक एक करके लंड खलास होते रहे और मैंं उन्हें अपनी चुत की भट्ठी से भून भून कर निकालती रही।

लोगों ने समझा कि इसका पहला मौका है यह 2:-3 लोगों से चुदवा कर शांत हो जाएगी, ज्यादा लंड झेल नहीं पायेगी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह एक से एक हलब्बी लौड़ों से पहले ही चुदवा चुकी है।
जाने कितने मर्द अपना लंड इस चुत में पेल चुके हैं।
शादी के आखिरी दिन तक वह भकाभक चुदवाती रही है।
जितने लोगों ने उसे सुहागरात में चोदा, उनसे ज्यादा लोगों से वह अक्सर चुदवाती रहती थी।
उसे मालूम है कि लंड कैसे खलास किये जाते हैं।
उनका तेल कैसे और कितनी जल्दी निकाला जाता है।
लंड के किस भाग में असली मज़ा होता है।

दोस्तो, अब मैंं बताती हूँ आपको पूरा किस्सा:- मैंं 25 साल की थी जब मेरा निकाह अफ़रोज़ के साथ हुआ।

मैंं ससुराल गई और वो दिन आया जिस दिन का हर लड़की इंतज़ार करती है।

हाँ, सुहागरात वाली शाम… मेरे पास सबसे पहले मेरी ननद आई।

वह बोली:- भाभी आज तो चुदेगी झमाझम तेरी चुत!!!

मैंंने मन में सोचा कि ‘अरे यहाँ तो लोग खुल कर गाली से बातें करते हैं। अब तो वाकयी मज़ा आएगा क्योंकि मेरे पास तो गालियों का भण्डार है।’

मैंं बोली:- तो ठीक है न ननद जी, चुत तो होती ही है चुदने के लिए।

वह बोली:- आज तो अफ़रोज़ भाई जान के अलावा भी लोग चोदेंगें तुम्हें।

हालांकि मैंं यहाँ के रीत:-रिवाज़ जानती थी फिर भी मैंंने कहा:- हाय दईया, क्या मुझे मेरे शौहर के अलावा भी कोई और चोदेगा?

वह बोली:- हाँ भाभीजान, आज की रात तो दुल्हन को कोई भी चोद सकता है और उसे चुदाना भी पड़ता है, दुल्हन चुदाने को मना नहीं कर सकती।

मैंंने पूछा:- अच्छा, तेरी तो शादी हो चुकी है, तुझे कितने लोगों ने चोदा था तेरी सुहागरात में?

वह बोली:- हाय भाभी मुझे भी तीन लोगों ने चोदा था उस रात!

मैंंने मजाक किया और कहा:- बस? केवल तीन? बस तीन में ही तेरी चुत की पों बोल गई थी क्या?

वह बड़ी जोर से हंस पड़ी।

इतने में मेरी सासू जी आ गई, वे बोली:- बहू, देखो आज के दिन किसी को नाराज़ नहीं किया जाता, आज सबको खुश रखना पड़ता है, जो भी आये उसे खोल कर देना, सबका अन्दर ले लेना किसी को नाराज़ नहीं करना, आज के दिन जितने अन्दर घुसेड़ेगी उतना अच्छा है।

मैंंने उसके कान में कहा:- सासू जी, सिर्फ आज ही के दिन या आगे भी?

वह मेरे कान में बोली:- अरी बहू, आज तू सबसे चुदवा ले… आगे मैंं तेरी बुर चुदवाती रहूंगी। तू चिंता न कर !

मैंं मस्त हो गई सासू जी की बात सुनकर !
मैंं तो बड़ी बिंदास पहले से ही थी।
चुदाने में अव्वल, लंड पीने में अव्वल, लंड चाटने में अव्वल…
मैंंने कमर कस ली कि आज मैंं सारे मर्दों को पानी पिला कर रहूँगी।
आने दो सालों को सबके लंड की माँ चोदूँगी मैंं आज!
सबसे पहले मेरा शौहर आया, उसने मेर घूंघट उठाया और चुम्मा:-चाटी की।

मैंंने भी वैसे ही किया।

फिर वह मेरे कपड़े खोलने लगा।

मैंं धीरे धीरे नंगी हो गई, मैंंने उसके कपड़े उतारे और उसे नंगा किया।

मेरी निगाह उसके लंड पर पड़ी, देखने में तो अच्छा लगा।

मैंंने उसे पकड़ लिया और उसने मेरी चुची पकड़ ली।
लंड बढ़ने लगा।

मैंं खुश हुई कि चलो लौड़ा औसतन ठीक ही है।

फिर उसने लंड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया।

मैंं लंड चुसने लगी।

इतने में मुझे लगा कि सिसी ने मेरे कंधे पर कुछ छुआ दिया।

मैंंने मुड़ कर देखा तो वह भा एक लंड था।
मैंं चौंक पड़ी?
अरे ये क्या है? कौन है? किसका का है यह?

मेरा मियां बोला:- डार्लिंग यह मेरा दोस्त है मुनव्वर, यह भी मनायेगा मेरे साथ सुहागरात!

मैंंने कहा:- यार सुहागरात में ही पराया मर्द?

वह बोला:- आज कोई पराया नहीं है जानेमन, आज तो तुम्हें कोई भी चोद सकता है।

मैंंने कहा:- और कल भी यह साला भेन्चो… आ गया मुझे चोदने तो?

वह बोला:- कल तुम इसे निकाल सकती हो, इज़ाज़त केवल आज के लिए है बस।

मैंं बोली:- और अगर मैंं इसे न निकालूँ तो?

वह बोला:- तो क्या फिर चुदवा लेना, मस्ती करना!

मैंंने कहा:- तुम्हें तो कोई ऐतराज़ नहीं होगा न?

वह बोला:- कतई नहीं, मेरी तरफ से तुम बिल्कुल आज़ाद हो, जिससे चाहो चुदाओ।

बस मुझे सुहागरात के ही दिन पराये मर्दों से चुदवाने की इज़ाज़त मिल गई।

ऐसा कह कर उसने मेरी चुत में लंड घुसेड़ दिया।

उधर उसके दोस्त ने मेरे मुंह में लंड घुसेड़ दिया।

मैंं दो दो लंड का मज़ा एक साथ लेने लगी।

थोड़ी देर में मेरा मियां बोला:- डार्लिंग, अब तुम मेरे दोस्त से चुदाओ, मैंं अपनी भाभी चोदने जा रहा हूँ।

वह चला गया, मैंंने मुनव्वर का लौड़ा घुसवा लिया अपनी बुर में और कहा:- यार, लौड़ा पूरा बाहर निकालो और फिर जल्दी से अन्दर घुसाओ। इसे जल्दी जल्दी करो।
मेरी गांड के नीचे लगा लो तकिया ताकि मेरी चुत ऊपर उठ आये!

वह चोदने लगा, मैंं भी गचर गचर चुदाने लगी।

मैंंने उसकी कमर पकड़ रखी थी, मैंं चिपक कर गांड उठा उठा कर चुदाने लगी।

मैंंने कहा:- अहा और जोर से चोदो… अपनी बीवी समझ के चोदो राजा… तेरी भाभी हूँ चोदो भोसड़ी कस के…

बस वो खलास होने लगा।

मैंंने कहा:- मेरी चुची पर गिराओ, मेरे मुंह में गिराओ, मेरी चुत के ऊपर गिराओ।

मैंं उसका लंड चाट रही थी।

तब तक एक आवाज़ आई:- इसे भी तो चाटो भाभीजान!

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मैंंने देखा कि मेरा देवर नंगा होअकर अपना लंड खड़े किये हुए मेरे सामने आ गया।

मैंंने उसे पकड़ा और हिलाने लगी।

तब तक मेरा ननदोई आ गया, बोला:- यार मेरी रानी, मेरा भी लौड़ा हिलाओ न?

मैंं दोनों लंड हिलाने लगी, बड़े प्यारे प्यारे लंड थे दोनों?

फिर ननदोई मुझे चोदने लगा और देवर का लंड मैंं चुसने लगी।

मुझे अपनी सुहागरात में बड़ा मज़ा आने लगा।

थोड़ी देर में मैंंने कहा:- देवर, तू अपना लंड अब मेरी चुत में पेल दे !

और मैंं ननदोईजी का लंड चुसने लगी।
यह कहानी आप रियलकहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
दोनों लंड का स्वाद जबरदस्त था, मुझे खूब पसंद आया।

मैंंने फिर कहा:- मेरे देवर भोसड़ी के, अब तुम मेरी गांड मारो यार!

मैंंने गांड मराने का भी मज़ा लिया।

पहले ननदोई का लंड मैंंने खलास किया फिर देवर का लंड !

मैंं फिर बाथरूम में चली गई।

जब वहाँ से निकल कर आई तो देखा कि मेरा जेठ अपना लौड़ा खड़ा किये पलंग पे लेटा है।

मेरी नज़र जब लंड पर पड़ी तो मैंंने हाय अल्ला, इतना बड़ा लंड? वाह, आज मुझे मज़ा आ जायेगा। तू मादरचोद इतनी देर से कहाँ था? तुझे तो सब से पहले मेरी चुत के लंड पेलना था।

ऐसा लौड़ा बहुत कम लोगों का होता है।
मैंं उसका सुपाड़ा चाटने लगी। लाल टमाटर जैसे उसे अपने मुंह में भर लिया।

मैंं अपनी गांड उठाकर लंड चाट रही थी।

इतने में किसी ने पीछे से लंड मेरी बुर में घुसेड़ दिया।

मैंंने मुड़ कर देखा तो वह मेरे खसम के मामू का लड़का था।

मैंंने कहा:- अबे साले, तू इतनी देर क्या अपनी माँ चुदा रहा था? अच्छा ठीक है, चोद मेरी चुत!

तब तक जेठ बोला:- नहीं बेनज़ीर, मैंं पहले चोदूंगा।

जेठ उठा और लंड मेरी बुर घुसा दिया।

मैंं मामू के लड़के का लंड चाटने लगी।

जेठ के लंड को मेरी चुत ने खूब कस के दबोच लिया और उसे भून कर ही बाहर निकाला।

और फिर मामू के लड़के का मैंंने सड़का मार दिया, वह झड़ता हुआ लंड लेकर भागा।

अब मैंं थोड़ा रुकी और बाहर जाकर देखने लगी।

मैंं बाहर का नज़ारा देख कर दंग रह गई।
मुझे लगा कि मैंं ही नहीं, यहाँ तो सभी मना रहे है सुहागरात!
मैंंने देखा कि किसी के बदन पे कोई कपड़ा नहीं है, सब मर्द औरतें बिल्कुल नंगे हैं। लोग एक दूसरे की बीवी चोद रहे हैं, मेरी जेठानी जिसका मियां मुझे चोद कर अभी गया है, वह अपने जीजू से चुदवा रही है।
मेरी देवरानी अपने मियां के दोस्त से चुदवा रही है।
मेरी ननद अपने देवर से चुदा रही है और तो और मेरी सास अपनी बहन के मियां का लंड चुस रही है।

मेरी खाला सासू अपने दामाद का लौड़ा चाट रही है।

सब आपस में इधर उधर हो रहा है।

एक लंड इसकी बुर से निकलता है और उसकी बुर में घुस जाता है।
एक बीवी अपने मुंह से लंड निकाल कर किसी और के मुंह में घुसा देती है।

खैर मैंं वापस आई तो देखा कि सुबह के चार बजे हैं, मैंं नंगी नंगी ही सो गई।
मुझे घनघोर नींद आ गई।

मैंं उठी सवेरे आठ बजे तो देखा कि मेरे बगल में मेरा खालू ससुर एकदम नंगा लेटा हुआ है।

मैंं समझ गई यह मुझे चोदने आया होगा पर मुझे सोता हुआ देख कर खुद सो गया बहनचोद!

उसका लंड देखा तो मेरे मुंह में पानी आ गया। सुपाड़ा पहाड़ी आलू की तरह एकदम बाहर निकला हुआ था, बाकी लंड एक पेड़ की तने की तरह लग रहा था।

मुझसे रहा न गया और मैंं अपनी जुबान निकाल कर झुक कर लंड पर छुआने लगी, मैंं सुपारा धीरे धीरे चाटने लगी।
उसके पेल्हड़ हौले हौले सहलाने लगी।

मुझे थोड़ी देर में लगा की लंड बढ़ने लगा है।

मैंंने गच गचा कर बहनचोद का सुपारा मुंह में भर लिया, दोनों होंठों से दबाये लंड पर अन्दर ही अन्दर जुबान फिरा रही थी।
इतने में वह जग गया, बोला:- हाँ दुल्हन, मजे से इसी तरह और चाटो!

मैंंने ऐसा सुन कर लंड और अन्दर घुसा लिया।

वह फिर बोला:- हाय दुल्हन, तुम तो बहुत बढ़िया लंड चाटती हो? ऐसा तो तेरी खाला सासू भी नहीं चाट पाती बुर चोदी?

मैंं सुपारे के घेरे में चारों तरफ जुबान घुमाने लगी।

वह बोला:- हाँ बहू, मैंं तो तेरे मुंह में ही झड़ जाऊँगा।

मैंं बोली:- झड़ जा भोंसड़ी के… बुर दूसरी बार चोद लेना!
बस वो बहनचोद मेरा मुंह बुर समझ के चोदने लगा और आखिर में झड़ भी गया माँ का लौड़ा।

मैंंने कहा:- अभी और भी कोई मर्द बचा है जिसने अपना लंड मुझे न पकड़ाया हो?

एक आवाज़ आई:- हाँ भाभी, मैंं बचा हूँ। अफ़रोज़ का दोस्त और आपका पड़ोसी हसन…

मैंंने कहा:- तो तू अभी तक कहाँ अपनी माँ चुदा रहा था साले? कल रात में क्यों नहीं आया? आज दिन में आया है मेरी सुहागरात मनाने? चल तू भी आ जा और हिला ले अपना लंड मेरी चुत में।

मैंंने जैसे ही उसका लंड पकड़ा तो मज़ा आ गया।
लौड़ा बड़ा तगड़ा था उसका!

मैंंने कहा:- यार तेरा लंड तो बड़े बड़े मर्दों के लंड जैसा है, तुझसे तो मुझे आगे भी चुदाना पड़ेगा।

वह बोला:- चिंता न करो भाभीजान, मैंं चोदता रहूँगा। वैसे एक राज़ की बात बताऊँ भाभी?

मैंंने कहा:- हाँ हाँ, बता न मादरचोद? डरता क्यों है?

वह बोला:- कल रात मैंं आपकी सासू माँ को चोद रहा था? आंटी जी यानी तेरी सासू मुझसे अक्सर चुदवाती है। यह सब मेरे लंड का कमाल है। आंटी जी मेरे लंड की दीवानी है, कभी पूछना उससे।

बस फिर क्या मैंं भी टूट पड़ी उसके लंड पर और भकाभक चुदाया।

तो देखा दोस्तो आपने, कितने लोगों ने चोदा मुझे मेरी सुहागरात में?

इतने में सासू जी मेरे पास आई और मेरी पीठ थपथपा कर बोली:- शाबाश बहू, आज तुमने सभी मर्दों के लंड की माँ चोद दी। मुझे इसी तरह की बहू की जरूरत थी। देख बेनज़ीर, तेरा मर्द और मेरा मर्द दोनों विदेश में काम करते हैं, पैसा खूब कमाते हैं दोनों और खूब भेजते है। हम दोनों अब खूब ऐय्याशी किया करेंगी। अब हम तुम मिलकर चुदाया करेंगी।

मैंंने कहा:- और हमारे शौहर?

वह बोली:- उसकी तू चिंता न कर… वे दोनों विदेश में जाने कितनी बीवियाँ चोदते हैं, जाने कितनी लड़कियाँ चोदते हैं, लड़कियों की माँ चोदते हैं, गोरियाँ चोदते हैं, मेमें चोदते हैं।

मैंंने कहा:- सासू माँ, यह हसन का लंड?

वह बोली:- हाँ बहू, मुझे उसका लौड़ा बड़ा प्यारा लगता है, मैंं तो खूब चुदाती हूँ उससे। आज उसने तुम्हें पहली बार चोदा है लेकिन अब दुबारा जब चोदेगा तो तुम्हें और मज़ा आयेगा।
समाप्त।

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