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मैडम जी और उनकी सहेलियाँ -1

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मेरा नाम मोनू कुमार है। मेरी उम्र 20 साल है और कद 5’6″ है। रंग गोरा और हॉट हु। मै छत्तीसगढ़ के धम-तरी जिले से हु। मै रियलकहानी साईट का बहुत बड़ा प्रशंसक हु। इसलिए अपनी जिन्दगी मे पहली बार अपनी व्यक्तिगत घटना आपसे बांट रहा हु।

मै कंप्यूटर इंजीनियरिंग कर चुका हु। और मेरी आगे की पढ़ाई अभी भी चल रही है। मै कंप्यूटर बनानें के लिए के घर पहुँच कर सेवा देता हु।
एक दिन की बात है। एक स्कूल (स्कूल का नाम उल्लेख नहीं करूँगा। इसके लिए माफी दोस्तो) का कंप्यूटर खराब हो गया था तो वहा मेरे पहचान का एक रवि नाम का टीचर था, उसनें मुझे कॉल किया कि स्कूल का दो सिस्टम खराब हैं, आकर ठीक कर दो।

तो मै ‘हा’ बोल कर वहा गया। वहा जानें के बाद सबसे पहले एक मैडम जी से मुलाकात हुई। वह मैडम जी दिखनें मे बहुत ही सेक्सी और खूबसूरत थी। वो सूट इतनी टाईट पहनती थी। जिसके कारण और बहुत ही सेक्सी और फिट दिखती थी।

उस चुस्त सूट मे उसकी बड़ी चूचियों के बड़े ही कामुक दीदार हो रहे थे साथ ही उसकी एकदम गोल चूचियों के चूचुक भी काफी सख्त और स्पष्ट उभार लिए हुए दिखाई दे रहे थे।

मै उसे देखनें के बाद मदहोश हो गया और उसकी तरफ एकटक देखता ही रह गया।
इतनें मे उसनें कहा:- आप कौन हैं?
मै थोड़ा घबरा कर बोला:- जी। जी। मै कंप्यूटर इंजीनियर।
मैडम जी:- ओह… चलो मै रवि सर से मिला देती हु।
मैनें कहा:- ठीक है।

चलो तभी मेरी नजर उसकी सिर पर गई। तो मैनें देखा कि उसकी मांग तो भरी हुई है।
मुझे थोड़ा सा दुख हुआ।

कमै कंप्यूटर ठीक करनें मे लग गया, वो मेरे पास ही थी। मेरी नजर तो उसके चुतड़ों और उसके वक्ष उभारों पर ही घूम रही थीं।

सच कह रहा हु कि उसकी छलकती जवानी को अपनें इतनें करीब देख कर मेरा तो लौड़ा खड़ा हो गया था। पर मैनें अपनें आप को काबू मे किया और कुछ देर बाद वो क्लास लेनें चली गई।

तब मैनें रवि सर से उसके बारे मे पूछा:- यार इन मैडम जी का क्या नाम है?
रवि नें उसका नाम सीमा (यह उसकी सही नाम नहीं है) बताया।

मैनें और ज्यादा कुछ नहीं पूछा ताकि उसको शक ना हो कि मेरा क्या नजरिया है क्योंकि सीमा मैडम जी शादीशुदा थी।
फिर मैनें कंप्यूटर ठीक किया और उसके बाद हम लोग प्रिंसीपल सर के ऑफिस मे आए। वहा पर हम दोनों की एक बार फिर मुलाकात हुई।

प्रिंसीपल सर नें चाय मंगानें की कही। मैनें मना किया। तो सीमा मैडम जी नें मुझसे उसी समय बात की:- कंप्यूटर इंजीनियर लोग तो ज्यादा चाय पीते हैं और आप चाय के लिए नहीं बोल रहे हो। क्या बात है?
मैनें कहा:- ऐसी कोई बात नहीं है मैम!

वो मुस्कुराई। तो मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ गई।

मै वापिस आ रहा था। तो मैडम जी को देखकर मुस्कुराकर चला गया।
उसनें भी मुझे मुस्कुराकर जवाब दिया।

मै उसके बारे मे सोच:-सोच कर पागल सा हो गया। काश स्कूल के और सिस्टम भी खराब हो जाते। तो इससे और देर तक मिलनें का मौका मिल जाता।

मै बता दूँ दोस्तों। सीमा मैडम जी इतनी सेक्सी थी कि क्या बताऊँ। उसकी आवाज मेरे कानों मे गूंजनें लगी। उसके नाम से मैनें कई बार मुठ मारी है।
मुझे लगा कि वो मैडम जी मुझे कभी नहीं मिलेगी।

एक दिन किसी लड़की की फोन आया। वो लड़की कोई और नहीं। सीमा मैडम जी थी, मै उसकी आवाज कैसे भूल सकता हु, पर मैनें मैडम जी को अनजान बनते हुए न पहचाननें का नाटक किया।

मैडम जी:- आपका नाम मोनू है?
मैनें:- हा। आप कौन?
मैडम जी:- आप कंप्यूटर इंजीनियर हो?
मैनें:- हा हु। पर आपका नाम क्या है कौन हो आप?
मैडम जी:- मै सीमा बोल रही हु।
आगे की कहानी पेज 2 पर

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मैनें नाटक करते हुए पूछा:- सीमा कौन? मै किसी सीमा नाम की लड़की को नहीं जानता।
मैडम जी:- मै सीमा मैडम जी। उस दिन आप हमारे स्कूल मे कंप्यूटर ठीक करनें आए थे न। तो आप मिले थे मुझसे। कुछ याद आया?

मैनें सोचनें का नाटक किया और कहा:- हा। आप वो हैं। हा मैनें पहचान लिया।
‘थैंक्स गॉड। पहचान लिया।’
मैनें पूछा:- मैम कैसे याद किया। सब ठीक है ना?
मैडम जी:- मेरे घर का कंप्यूटर खराब हो गया है। उसे ठीक कर दोगे क्या?
मैनें ‘हा’ कहा।

उस दिन छुट्टी थी और उसनें घर का पता दिया तो मै उस पते पर उसके घर पहुँच गया।
मैनें बेल बजाई। मुझे लगा कि कोई और आएगा दरवाजा खोलनें के लिए। पर वो खुद आई थी।

मैडम जी उस वक्त नाईटी पहनी हुई थी। आह्ह। वो इतनी सेक्सी लग रही थी कि बता नहीं सकता। शायद इसलिए कि मै उसके बारे कितना सोचता था। इसलिए मुझे और ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

मैडम जी:- अन्दर आओ।
मै अन्दर गया। उसकी घर मे एक रसोई और चार कमरे आमनें:-सामनें थे।
मैनें पूछा:- बाकी सब कहा हैं?
मैडम जी नें कहा:- सब मतलब? यहा मै अकेली रहती हु।

यह सुनकर मै बहुत खुश हो गया। फिर मैनें पूछा:- आपके मिस्टर कहा हैं?
मैडम जी नें बताया:- मेरे उनकी पोस्टिंग कहीं और हो गई है और वो वहा रहनें लगे हैं। चूंकि मै यहा टीचर हु। इसलिए यहीं किराये पर रहती हु। मेरे पति शनिवार को आते हैं। बाकी सब लोग गांव मे रहते हैं।
मैडम जी को कोई बच्चा नहीं था।

मैनें कहा:- मैम कंप्यूटर कहा है?
मैम मुझे अपनें कमरे मे ले गईं। वहा जाकर मै बहुत खुश था।
मैडम जी नें पूछा:- चाय या फिर कुछ?
मै बोला:- कुछ और। क्या?
‘मतलब ठन्डा।’
‘ओके।’

तो वो दो कोल्ड ड्रिंक लाई। थोड़ी गर्मी का मौसम था। वो बाहर चली गई। मैनें उसके सिस्टम ठीक किया और जानें के लिए तैयार हो रहा था।
उतनें मे मैडम जी आई। और बोली:- हो गया?
मैनें कहा:- हा हो गया।
उसनें कहा:- कहा जा रहे हो। काम है क्या आपको?
मैनें कहा:- नहीं फ्री हु।
मैडम जी बोली:- रूको ना। मै भी बोर हो रही हु। अकेली हु।

मै रुक गया। तो वो मुझसे बातें करनें लगी और साथ ही वो अपनें कमरे को करीनें से सजानें मे जुट गई। और वो झुक कर चीजें उठा कर रख रही थी।
नाईटी खुले गले की होनें के कारण उसकी चूचियाँ मुझे साफ दिखाई दे रही थीं।

मेरा लंड खड़ा हो गया था। मै बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था।
वो इतनी गोरी थी और उसकी थिरकती चूचियाँ इतनी मस्त लग रही थीं। कि मै पसीना:-पसीना हो गया था।
मैनें मैडम जी से कहा:- बाथरूम कहा है?

तो उसनें बताया। मै बाथरूम मे गया और मुठ मार कर अपनें आपको शांत किया।

मै वापस कमरे मे आया तो मैनें मैडम जी को चोदनें का सोचा। लेकिन बोलनें के लिए डर लग रहा था। तो मै कुछ बोल ना पाया।
काम करनें के बाद मैडम जी मेरे पास आकर बैठ गईं और मुझे मेरे बारे मे पूछना शुरू किया:- आपकी कोई गर्लफ्रेण्ड है क्या?
मैनें कहा:- हा।
तो वो थोड़ा उदास सी हो गई।

फिर मैनें कहा:- अरे मैडम जी मजाक कर रहा हु। मेरी काई गर्लफ्रेण्ड नहीं है। मुझे कोई मिलती ही नहीं है। सब भाव खाती हैं ना। इस कारण।
तो मैडम जी खुश हो गई।

मै मैडम जी को देखकर ही गर्म हो जाता था। शायद यह बात उसको मेरा घबराया हुआ चेहरा देखकर पता चल गई।
फिर मैडम जी भी मुझे कुछ बोल नहीं पा रही थी। शायद उसको भी डर था। तो उसनें मुझसे पूछा:- आपके पास फोल्डर लॉक का सॉफ्टवेयर है क्या?

मै अपनें साथ सारे सॉफ्टवेयर लिए रहता हु। पर तब भी मैनें कहा:- नहीं पर वो सोफ़्टवेयर मेरे घर पर है।
बोली:- ठीक है। कल 11 बजे ले कर आना। मै स्कूल नहीं जाऊँगी।
मैनें भी उसे ‘हा’ बोला। मुझे भी तो मिलना था ना मैम से।

कहानी का अगला भाग

>> मैडम जी और उनकी सहेलियाँ – 2

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