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मैडम जी और उनकी सहेलियाँ – 2

  • Madam ji ki chudai.

मैनें घर जाकर कई बार उसके नाम से मुठ मारी।
यार क्या बताऊँ। मुझे अगले दिन का बड़ी बेसब्री से इन्तजार था। उसनें मुझे रात को फोन भी किया। शायद वो भी मुझसे चुदना चाहती थी।

मै जब अगले दिन उसके घर गया। तो साड़ी मे थी। साड़ी गुलाबी रंग की थी। वो साड़ी मे क्या गजब सेक्सी खुल रही थी। मैनें मैडम जी से कहा:- मैम आप बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो। क्या बात है।
तो उसनें मुस्कुराकर कहा:- चल झूठे!
मै खुश हो कर बोला:- सही कह रहा हु मजाक थोड़ी कर रहा हु।

वो कुछ संजीदा सी हुई।

फिर मै बोला:- आपको वो प्रोग्राम आपके सिस्टम मे किस लिए चाहिए। आपके अलावा और कोई नहीं बैठता है।
तो मैम बोली:- नहीं। वो क्या है ना कि पड़ोस के बच्चे कभी:-कभी आते हैं गानें सुननें के लिए। और मेरे काम की चीजों को कम्प्यूटर से छेड़छाड़ कर देते हैं।

फिर मैनें प्रोग्राम इंस्टाल किया और पूछा:- कौन सा फोल्डर लॉक करना है?
उसनें कहा:- वो मै कर लूँगी।
मै समझ गया कि क्या बात है, मै बोला:- चलो ठीक है। कर लेना।

वह मुझे बैठनें बोली और खुद रसोईघर मे चली गई।
मै उसके कंप्यूटर मे अश्लील फिल्म खोजनें लगा।

तभी मुझे फिल्म का फोल्डर मिल गया, मैनें आवाज को बंद किया और फिल्म देखनें लगा।
ब्लू:-फिल्म देखते हुए मै गर्म हो चुका था, मेरा हाथ मेरे लौड़ा को सहला रहा था, मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था, मै फिल्म देखनें मे बेहद मस्त था।

शायद मैम भी छुपकर देख रही थी।
जब वो बेकाबू हो गई तो अन्दर कमरे मे आईं…
मैनें तुरन्त सिस्टम बंद ना कर सका और खड़ा हो गया। मै पोलो जीन्स पहनें हुआ था। जिसमे मेरा लौड़ा एकदम खड़ा था। पोलो मे पूरा उभरा हुआ दिखाई दे रहा था, पूरा 90 डिगरी मे तना हुआ था।

मैडम जी मेरे पास आई। शर्म के मारे मेरा सर नीचे हो गया।
मैडम जी मेरे लौड़ा को देखकर बोली:- यह क्या है?
मै कुछ ना बोल पाया और मैडम जी नें मेरे सिर को ऊपर किया और अपनी गुलाबी गरम होंठों को मेरे होंठ से टिकाया और जोरदार किस करना चालू किया।

मै खुश हो गया और उसके होंठ का कस के दबादबा कर चूसनें लगा, जोश का आलम बढ़ गया और मै उसकी चूचियों को खूब हचक कर दबा रहा था।
चुदासी सी मैडम जी बोली:- आह्ह। और जोर से दबाओ ना।
यह कहानी आप रियलकहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैनें उसकी साड़ी सरका दिया। पूरी तरह उसको नंगी किया और उसकी चूचियों को चूसनें लगा।
मैडम जी गरम होकर मुँह से सिसकारियाँ भरनें लगी:- आह। आह। इइइइइइ। सी सी।
उसकी मादक आवाज मुझको घायल कर रही थी।

मैडम जी नें भी मुझे नंगा कर दिया और मेरे 8″ का लौड़ा देख कर बोली:- ओह्ह। आपकी मशीन तो बहुत बड़ी है।
मैनें कहा:- मैडम जी। सर का बड़ा नहीं है क्या?
उसनें कहा:- यार मैडम जी नहीं। सीमा कहो न।
मै बोला:- ठीक है।
फिर बोली:- उसकी लुल्ली तो 4″ की ही है। वो मुझे खुश नहीं कर पाता है।

मैडम जी दिखनें मे तो माल है ही। और सच मे बहुत ही सेक्सी भी थी। वो मेरे लौड़ा को हाथ से सहला रही थी। मेरा लौड़ा गीला हो गया था।
मैडम जी नें मेरे लौड़ा को मुँह मे लिया और चूसना चालू किया। मैनें उसे पकड़ कर गद्दे पर लिटाया और जोरों से किस करनें के साथ उसकी चुत पर हाथ फेरनें लगा।
उसकी चुत से पानी का रिसाव शुरू हो गया था, वो ‘आह। आह।’ की आवाज लेकर मजा ले रही थी।

मुझे भी मजा आ रहा था।
इस दिन के लिए मै कितना तड़पा था।
उसकी चुत गोरी और चिकनी थी, उसनें अपनी चुत के बालों को शायद सुबह ही साफ किया था, मै उसकी चुत मे उंगली करनें लगा। मैडम जी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। वह मेरे लौड़ा को तेजी से अन्दर:-बाहर करनें लगी।

कुछ देर बाद मैडम जी की अकड़न चालू हुई और वो झड़ गई।

दोस्तो, मैडम जी मेरे लौड़े से फंस चुकी थी। बस अब उसे मस्त तरीके से चोदना था। उसकी मस्त चुदाई को आप अगले भाग मे पढ़ सकते हैं।

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अब तक आपनें पढ़ा।

मैनें उसे पकड़ कर गद्दे पर लिटाया और जोरों से चुम्बन करनें के साथ उसकी चुत पर हाथ फेरनें लगा। उसकी चुत से पानी का रिसाव शुरू हो गया था, वो ‘आह। आह।’ की आवाज लेकर मजा ले रही थी।
मुझे भी मजा आ रहा था… इस दिन के लिए मै कितना तड़पा था।

उसकी चुत गोरी और चिकनी थी, उसनें अपनी चुत के बालों को शायद सुबह ही साफ किया था, मै उसकी चुत मे उंगली करनें लगा। मैडम जी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। वह मेरे लौड़ा को तेजी से अन्दर:-बाहर करनें लगी।

कुछ देर बाद मैडम जी की अकड़न चालू हुई और वो झड़ गई।

अब आगे।

अभी मै नहीं झड़ा था। यह देख मैडम जी नें मेरे लौड़ा को मुँह मे लिया और जोर:-जोर से मेरा गन्ना चूसनें लगी। मै उसकी चुत को बार:-बार अपनी उंगली से जोर:-जोर से अन्दर:-बाहर करता रहा।
उस समय मै झड़ गया।

कुछ देर बाद मैडम जी फिर से तैयार हो गई, उसकी चुत की पानी की खुश्बू से फिर मै शुरू हो गया, मै उसकी चुत को सहला रहा था, वह अपनी चूचियों को दबा रही थी और जोर:-जोर से सिसकारियाँ भर रही थी। गर्म साँसें छोड़ रही थी।
मैडम जी बोली:- मोनू। अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। चोदो मुझे। नहीं तो मै मर जाऊँगी।
अब मैडम जी को मैनें लिटाया और पैर फैलानें को बोला।

मैनें अपनें लौड़ा को उनकी चुत की दरार मे फंसा दिया और जोर का धक्का दिया तो अभी मेरा आधा ही लौड़ा अन्दर गया था कि मैडम जी जोर से चिल्लाई। शायद वह बहुत दिनों से चुदी नहीं थी।

फिर मैनें अपना पूरा लौड़ा मैडम जी की चुत मे डाल दिया। और धीरे:-धीरे अन्दर:-बाहर करनें लगा।
मैडम जी ‘आहें।’ भर रही थी ‘आह। आह। उहं। आह। उह। चोदो और चोद आह आह।’
मुझे भी उसकी चुत चोदनें मे जन्नत का मजा मिल रहा था।

कुछ देर बाद मैडम जी फिर झड़ गई। मैनें अपनी स्पीड बढ़ा दी। मैडम जी को बहुत मजा आ रहा था, वो झड़नें के बाद भी मेरा साथ दे रही थी। मै झड़नें वाला नहीं था। क्योंकि मै एक बार झड़ चुका था।

इसलिए मै जोर:-जोर से धक्का दे रहा था मैडम जी की ‘आह। आह । आह। सी सी।’ की आवाज सुनकर मुझे बहुत मजा आ रहा था।

इतनी सेक्सी मैडम जी मै पहली बार चोद रहा था ना। मै जन्नत का सैर मे खोया था। मै झड़नें वाला ही था।

मैडम जी फिर से झड़ गई। उसकी चुत के गरम पानी की वजह से मै भी झड़नें वाला था तो मैनें मैडम जी से पूछा:- कहा निकालूँ?
बोली:- अन्दर नहीं।
मैनें लौड़ा बाहर किया और उसकी चूचियों पर डाल दिया।
मेरा इतना ज्यादा पानी देखकर वो दंग रह गई ‘इतना पानी बाप रे।’
हम दोनों कुछ देर नंगे पड़े रहे। बातें करते रहे।

मैडम जी और उनकी सहेलियां – 3 (last)

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