loading...

पति बाहर यार चूत के अंदर

Chut ki chudai, chudai ki kahani, antarvasna hindi sex story, desi kahani,
मैं एक सिधी सधी लड़की हूँ। ये कहानी मेरी मआ की है।
मैंं गाज़ियाबाद मेंं रहती हूँ। मैंं बचपन से काफ़ी सीधी लड़की थी। मैंं दिल्ली मेंं ही पैदा हुई और यहीं मेंरा पालन-पोषण हुआ। मेंरी मम्मी और पापा की लव मैंरिज हुई थी,, इसलिए मेंरी मम्मी काफ़ी खुले विचारों वाली थीं।

मुझे मालूम है कि आप सबको कहानी जानने की उत्सुकता है,, चलो बताती हूँ।यह कहानी तब की है,, जब मैंं 11वीं मेंं थी। यह एक सच्ची कहानी है।

मेंरे पापा के एक बहुत करीबी दोस्त थे,, जॉन्टी अंकल,, और उनका हमारे घर भी बहुत आना-जाना था।हुआ यूँ कि एक दिन मैंं स्कूल से जल्दी घर वापस आ गई,, तो मैंंने देखा कि मेंरी मम्मी का कमरा बंद था और पापा ऑफिस गए हुए थे। मुझे लगा कि मम्मी सो रही होंगी,, लेकिन मुझे भूख बहुत तेज लगी थी,, तो पहले मैंंने थोड़ा इन्तजार करके मम्मी के कमरे के पास गई तो वहां अन्दर से ‘आह,, आह…’ की आवाज़ आ रही थी।

मम्मी बोल रही थीं- जॉन्टी प्लीज़,, निकालो ना,, बहुत दर्द हो रहा है,,मुझे कुछ समझ नहीं आया,, मैंंने खिड़की से अन्दर झाँका,, तो मेंरी आँखें फटी की फटी रह गईं।मैंंने वहाँ देखा,, मेंरे पापा के दोस्त जॉन्टी अंकल और मेंरी मम्मी एक साथ नंगे लेटे हुए थे।

मम्मी के चुतड़ मेंरी तरफ थे और बिस्तर पर उनकी ब्रा गिरी हुई थी।मेंरी मम्मी कह रही थीं- जॉन्टी,, मुझे तुम्हारे साथ मुझे बहुत मजा आता है,,जॉन्टी अंकल बोले- लगता है संजय तुझे ढंग से चोदता नहीं है,,मम्मी बोलीं- हाँ,, उन्हें तो अपने ऑफिस से ही फ़ुर्सत नहीं है,, रात को आते हैं,, कभी मन होता है,, तो लण्ड डालते हैं,, और 4-6 धक्के मार कर डिसचार्ज हो जाते हैं।जॉन्टी अंकल- शोभा मेंरी जान,, तेरे चुचे तो बहुत टाइट हैं।वे यह कहकर मम्मी के निप्पल दबाने लगे।

मम्मी- यार जॉन्टी,, काटो मत,, प्लीज़,, मैंं तुम्हारी ही तो हूँ,, आराम से चोद कर मजे लो,, अपनी रानी की चुत से,, और आज तुम मेंरी झांट के बालों को भी साफ कर देना।

अंकल उठे और पास मेंं ही रखी कोई एक क्रीम ले आए।मुझे धीरे-धीरे समझ मेंं आने लगा कि मम्मी और जॉन्टी अंकल आज पूरी तैयारी करके बैठे हैं।इधर मेंरी चुत का बुरा हाल हो चुका था। मुझे थोड़ा-थोड़ा मजा आने लगा था। मेंरा हाथ स्कूल कू यूनिफ़ॉर्म की स्कर्ट के अन्दर चला गया था।

अंकल के उठते ही मुझे उनका 8 इंच लंबा और मोटा लंड हवा मेंं लहराता हुआ दिखा,, तो मैंं तो भौंचक्का होकर देखती ही रह गई।

तभी उन्हें एकदम से पता नहीं क्या हुआ,, उन्होंने मेंरी मम्मी को बालों से पकड़ कर उठाया और अपना लंड मम्मी के मुँह मेंं दे दिया और बोले- शोभा आज तो मेंरा लवड़ा चुस कर मेंरी मलाई निकाल दे।मेंरी मम्मी उनके लंड को लॉलीपॉप की तरह चुसने लगीं और लगभग 10 मिनट बाद मैंंने देखा कि उनका कुछ सफ़ेद सा माल निकला और उन्होंने मम्मी के मम्मों पर लगा दिया।

अब मेंरी भी एक उंगली मेंरी चुत के अन्दर-बाहर जा रही थी।

फिर अंकल ने थोड़ी सी क्रीम ली और मम्मी के नीचे वाले बालों पर लगाई और हाथ से मल कर झाग सा बना दिया,, फिर रेज़र से सारे बालों को साफ़ कर दिए।

वे बोले- शोभा,, जानेमन आज तेरी चुत का भोसड़ा बना दूँगा।

मुझे उनकी यह भाषा समझ मेंं नहीं आई।

loading...

फिर उन्होंने मेंरी मम्मी को बोला- शोभा अब घोड़ी बन जा,,।

फिर घोड़ी की पोजीशन मेंं मेंरी मम्मी की एकदम साफ चुत मेंं अपना लंड घुसड़ेने की कोशिश करने लगे,, लेकिन उनका लंड निशाने पर टिक नहीं रहा था। शायद क्रीम के कारण शायद फिसल रहा था।

वो बोले- शोभा,, मेंरी जान,, अपनी टाँगें चौड़ी करो,, और मेंरी मदद करो,, तुम्हारी चुत बहुत टाइट है।मम्मी बोलीं- जॉन्टी,, आज तक तुम्हारे दोस्त ने ढंग से चोदा ही नहीं,, मेंरे राजा,, अब तुम ही इसे खोल दो।

इतना सुनते ही जॉन्टी अंकल को जोश आ गया और उन्होंने पूरे ज़ोर का एक धक्का मारा और उनका लंड पूरा अन्दर घुस गया।मेंरी मम्मी की बहुत ज़ोर से चीख निकल गई और वे चीखते हुए बोलीं- जॉन्टी प्लीज़ जल्दी निकालो बाहर,, वरना मैंं मर जाऊँगी,, आह,, साले मुझे बहुत बहुत दर्द हो रहा है,,उनकी आँखों मेंं आँसू आ गए।

लेकिन जॉन्टी अंकल को जैसे और जोश आ गया और वो दुगुनी ताक़त से झटके देने लगे और कहने लगे- बहन की लौड़ी,, बहुत मुश्क़िल से आज तुझे चोदने का मौका मिला है।मम्मी बोलीं- हाँ,, मेंरे राजा,, चोदो,, खूब चोदो,, आह्ह,,वे अपने चुतड़ उपर उठा-उठा कर अंकल का साथ देने लगीं।

ये सब देखकर मैंं पागल हुई जा रही थी। थोड़ी देर बाद दोनों झड़ गए और एक-दूसरे से लिपट गए।

मम्मी बोलीं- जॉन्टी,, आज तुमने मुझे जन्नत की सैर कराई है,, अब से मैंं तुम्हारी ही हूँ,, आते रहो करो,, आँचल का ये स्कूल जाने का समय रहता है और तुम्हारे दोस्त ऑफिस मेंं रहते हैं।जॉन्टी अंकल- हाँ शोभा डार्लिंग,, अब से ये लंड तुम्हारा ही है।फिर दोनों एक-दूसरे के होंठ चुसने लगे।

मैंं समझ गई कि जॉन्टी अंकल और मेंरी मम्मी का क्या चक्कर चल रहा है,, लेकिन उनकी चुदाई देखकर मेंरा भी चुदने का बहुत मन हो गया। मुझे बहुत भूख लग रही थी,, लेकिन चुदाई देखकर चुदने का मन ज़्यादा था।

फिर मम्मी बोलीं- जॉन्टी अब चले जाओ जान,, आँचल का आने का टाइम हो गया।वो बोले- हाँ शोभा,, आज तुम्हारी चुत मेंं मजा आ गया,, एक बार चाटने तो दो,,मम्मी ने अपनी टांगें फैला दीं और अंकल जीभ से उनकी चुत चाटने लगे।

मुझे लगा कि अब मुझे भी सावधान हो जाना चाहिए, मैंं तुरंत अपने कमरे मेंं चली गई और वहाँ की खिड़की से देखने लगी। मम्मी और जॉन्टी अंकल बाहर निकले।

मम्मी जॉन्टी अंकल से बोलीं- जॉन्टी अब कब आओगे?वो बोले- जल्द ही आऊँगा जानेमन,,उन्होंने अपनी जेब से 2000 रूपये निकाले और बोले- ये रखो,, नई ब्रा-पैंटी ले लाना।मम्मी ने बहुत मना किया,, लेकिन अंकल नहीं माने और पैसे देकर चले गए।

मम्मी ने बाहर मेंरा स्कूल बैग रखा देखा तो वे हैरान रह गईं,, उनको एकदम से पसीना आ गया लेकिन उन्होंने नॉर्मल बनने की कोशिश की और मेंरे कमरे की तरफ आ गईं, मुझे देख कर बोलीं- आँचल तू कब आई?मैंंने कहा- मैंं आधा घंटे पहले आई हूँ,, मेंरे सिर मेंं थोड़ा दर्द था,, इसलिए आकर सो गई थी।

फिर मम्मी ने खाना बनाया और मैंं बाथरूम गई और पैंटी बदली।

दोस्तो, मुझे उम्मीद है कि आप सबने मेंरी बदचलन माँ की चुदाई को पसंद किया होगा,, तो बताना न भूलें कि कैसी लगी आपको जॉन्टी अंकल और मेंरी मम्मी की चुदाई।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...