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पहली प्यार की पहली चुदाई

Chut chudai ki kahani, antarvasna hindi sex story, desi kahani यह मेरी पहली कहानी है, बात आज से 4 साल पहले की है, मैं एक बार अपने मामा के घर गर्मियों की छुट्टी में गया हुआ था।
मेरे मामा के घर में तीन लोग हैं, मेरे मामा, मामी और उनकी एक बेटी श्रुति (नाम बदला हुआ है)।

श्रुति, मेरे मामा की बेटी, के बारे में क्या बात करूँ… वो बिल्कुल एक परी के जैसी दिखती है।

मैं बचपन से उसको पसंद करता था लेकिन कभी बोल नहीं पाया, डर था कि कहीं वो बुरा ना मान जाए। जब वो फ़्रॉक पहना करती थी तब फ्राक में क्या लगती थी, वो ही मेरा पहला प्यार थी।

हाँ तो, जब मैं अपने मामा के घर में पहुँचा तब उन लोगों ने मेरा अच्छे से स्वागत किया।
मैंने मामा से पूछा- श्रुति कहाँ है?
तो उन्होंने मुझको बताया- वो कॉलेज गई है, शाम को 5 बजे तक आएगी।

वास्तव में मुझको मामा मामी से कोई मतलब नहीं था, मैं तो बस श्रुति को मिलने आया था।

शाम को श्रुति आ गई।
मैं सोफे पर बैठा था, उसने मुझको देखा और हेलो बोला।
मैंने भी हेलो कहा।
वो जानती थी कि मैं उसको प्यार करता हूँ।
इस बार मैं सोच कर आया था कि मैं उसको बता दूँगा।

शाम को जब सोने का समय हुआ तो मामा ने मुझसे कहा- तुम श्रुति के कमरे में सो जाना!
मैंने मना किया तो श्रुति ने हंस कर कहा- मैं तुमको मार नहीं डालूंगी।
हम लोग हँसने लगे।

रात को बात करते करते हम दोनों सो गये।
श्रुति के कमरे में बाथरूम भी था।

सुबह मैं देर तक सोता रहा, श्रुति नहाने गई हुई थी पर तौलिया ले जाना भूल गई थी। उसने सोचा कि नरेन्द्र तो सो रहा है, तो वो नंगी ही बाहर तौलिया लेने आ गई।

ज़रा सी आवाज़ हुई तो मई जाग गया।

वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी हुई थी।
मैंने तुरंत आँखे बंद कर ली और कहा- जल्दी सामने से जाओ।

नाश्ते के समय वो ओर मैं एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे और वो कॉलेज चली गई।
मैं रात का इंतजार करने लगा।

रात को मैंने अपने बिस्तर पर पानी गिरा दिया और श्रुति से पूछा- अब क्या करू मैं? मैं आज ज़मीन में सो जाता हूँ।
श्रुति ने बोला- नहीं नरेन्द्र, तुम मेरे साथ बिस्तर पर सो जाओ।

मैंने मना किया तो वो फिर से बोली- मैं तुमको मार नहीं डालूंगी।
हम दोनों हँसने लगे।

उसके मन में कुछ भी ग़लत नहीं था पर मेरा लॅंड फुंफकार मारने लगा।
रात को हम दोनों बातें करते रहे और वो सो गई परन्तु नींद मुझसे तो कोसों दूर थी।

मैंने श्रुति को आवाज़ लगाई तो उसने कोई भी जवाब नहीं दिया।

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मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ उसकी बदन की खुशबू थी जो मैं महसूस कर रहा था।
मैंने धीरे से उसके होंठों पर चुम्बन किया… उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की।

मेरी हिम्मत बढ़ गई।
मैंने फिर से चूमना शुरू किया, उसके होंठों को चूसता रहा।
वो भी जाग चुकी थी, धीरे धीरे उसने भी चुम्बन में सहयोग किया।

अब मैं नीचे की तरफ बढ़ा, उसकी कुर्ती को उतार दिया, वो सफेद ब्रा में यौन वासना की आग में तड़प रही थी।
मैंने उसकी ब्रा उतारने की कोशिश की पर मुझसे ना हो सका।

इस पर वो ज़ोर से हंस पड़ी।
उसकी इसी हंसी में मेरी जान बसती थी।

उसने खुद अपने सारे कपड़े उतार दिए, मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए।
मैंने बहुत प्यार से उसके नाज़ुक बदन को चूमा ओर खूब प्यार किया।

अब मैं उसकी प्यारी सी चूत की तरफ बढ़ा। उसने भी अपनी चूत थोड़ा ऊपर उठा दी।
मैंने उसको बहुत प्यार से चूमा ओर प्यार किया। अब तक वो दो बार झड़ चुकी थी।

दोस्तो मैंने कई लड़कियों को चोदा है, चूत के पानी का स्वाद उल्टी करा दे पर आप जिसको प्यार करते हो उसकी हर चीज़ अच्छी लगती है।

मैंने चूस कर उसकी प्यारी सी चूत को साफ किया।

मैंने उसको अपना लंड चूसने को बोला, उसने मना कर दिया तो मैंने दोबारा उसे कहा ही नहीं!
मैंने उससे पूछा- तैयार हो?
उसने सहमति दिखाई।

मैंने फिर पूछा- कभी किया है?
उसने बोला कि वो वर्जिन है।

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मैंने धीरे से उसकी चूत में अपना लंड लगाया और हल्का सा धक्का लगाया, लंड पानी की तरह आराम से चला गया, वो चुदी चुदाई थी। मेरा सारा मूड खराब हो गया पर मैंने उसे कुछ नहीं कहा कि उसने मुझसे झूठ क्यूँ बोला।

मैं उठने लगा तो उसने मेरा मज़ाक बनाया- बस इतना ही दम है?

मुझको उसकी यह बात सुन कर बहुत गुस्सा आया और मेरा मन तो कह रहा था कि ज़ोर का थप्पड़ लगाऊँ।
पर मैंने उसको बे मन चोदा।

लेकिन मेरा मन बहुत कशमकश में था।
लेकिन कहीं ना कहीं वो मुझको अब भी पसंद थी, मेरा प्यार फिर जाग गया, मैंने उसको बहुत प्यार से तीन बार चोदा।

सुबह मेरा मूड बहुत खराब था, मैं उसके जागने से पहले वहाँ से निकल गया।
उसके बाद उसका कई बार फोन आया पर मैंने उससे बात नहीं की।

इसी बीच वो अपने किसी बायफ़्रेंड से प्रेगनेन्ट हो गई।
अब उसकी शादी हो चुकी है और मैं अपने प्यार को आज तक नहीं भूल पाया।

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