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मैडम जी और उनकी सहेलियां – 3 (last)

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मैडम जी नें कहा:- आज पहली बार इतना मजा आया। सर के साथ तो 10 मिनट मे ही खेल समाप्त हो जाता था। मजा भी नहीं आता था। जब मैनें आपको पहली बार देखा था। तो तभी मुझे समझ मे आ गया था। सच मे कितना दम है तुम्हारे लौड़े मे।
मैनें उसको मुस्कुराते हुए चूम लिया।

उसनें मुझसे कहा:- अब आप ही सचमुच मे मेरी जान हो।
कुछ देर आराम करते हुए उसके नंगे बदन से खेलते हुए मैडम जी को मैनें कहा:- जानू, मुझे तुमको और चोदना है।

मैडम जी बिस्तर से नीचे उतरी और उसनें अपना एक पैर बिस्तर पर रखा और दूसरा पैर जमीन पर रख कर चुत को खोलते हुए अपनें हाथों से अपनी चुत को फैलाते हुए बोली:- लो राजा। अब मुझे ऐसे ही चोदो।

मैनें खड़े होकर उसे अपनें बाँहों मे लेकर जोर:-जोर चोदना शुरू कर दिया।
मैडम जी:- आह। आह। उहं। और जोर से चोदो और जोर से।
उसकी चुदासी आवाजें निकल रही थीं। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

कुछ ही देर बाद मैडम जी झड़ गई, मै अब भी जोर:-जोर चोदे जा रहा था, मैडम जी बोली:- रूको ना जानू।
पर मै रुकनें वाला नहीं था। जोर:-जोर से चोद रहा था।

कुछ देर बाद मै झड़नें वाला था तो मैडम जी बोली:- पानी चुत के अन्दर डाल दो। और कुछ देर ऐसे ही अन्दर डाले रहना। तुम्हारा गरम:-गरम लौड़ा अच्छा लग रहा है।

मैडम जी मुझे चूमे जा रही थी, पता नहीं क्यों वो मुझे छोड़नें का नाम नहीं ले रही थी।
फिर मैनें मैडम जी को अपनी गोद मे उठा लिया और उसे चूम कर फिर से बिस्तर पर लिटा दिया।

कुछ देर बाद मैडम जी नें मुझे किस किया और बाथरूम मे चली गई।

बाद मे मै फ्रेश होकर घर आनें वाला था कि मैडम जी नें मुझे फिर आनें को कहा। बोली:- जब भी मेरी जरूरत हो। जरूर आना।
मै मुस्कुरा कर बोला:- जानू, जब तुमको मेरी जरूरत ही मुझे फोन कर देना।

उसनें उसी दिन फिर से रात को मुझे फोन करकर अपनें पास बुलाया।
मैनें भी आनें की हा बोल दी। क्योंकि मुझे घर मे कोई कुछ नहीं बोलता है। मै बिंदास हु घर से।

दोस्तो मैनें मैडम जी को रात को चोदा। वो वास्तव मे बहुत प्यासी थी।

उस दिन से लेकर एक सप्ताह बाद मैडम जी का फोन आया:- जानू क्या कर रहे हो। खाली हो। तो घर आना। मै अकेली हु।
मैनें ‘हा’ बोला और मै रात को लगभग 9 बजे मैडम जी के घर पहुँचा। तो मैनें वहा देखा कि कोई युवती और भी थी।

उसनें मेरा उससे परिचय काराया। वह उसकी सहेली सिमा थी। उसके घर पर कोई नहीं था। उसके पति काम से बाहर गया था। इसलिए वो रात को रुकनें के लिए आई थी।
सिमा दिखनें मे बहुत खूबसूरत थी।

मैडम जी नें मेरे और अपनें बारे मे उसे बताया था कि मोनू बहुत ही चुदक्कड़ लड़का है और चुत चुदानें मे बहुत ही मजा देता है। बहुत खुश कर देता है।
उसकी सहेली भी मुझसे चुदनें के लिए आई थी। इस बारे मैडम जी नें मुझे नहीं बताया था। ताकि मुझे बुरा ना लगे।

हम तीनों खाना खा कर कंप्यूटर मे मूवी देखनें लगे। कुछ देर बाद वह सोनें चली गई, उसका कमरा ठीक हमारे कमरे के सामनें था।

उसके जानें के बाद मै अपनें आपको रोक नहीं पाया। मैनें मैडम जी को जोर से पकड़ा और अपनें होंठ उसके होंठों पर रख दिए और जोरों से किस करनें लगा, उसकी चूचियों को दबानें लगा।

मैडम जी गर्म हो गई। हम दोनों अपनें मे मस्त थे। दरवाजा खुला छोड़ कर मैडम जी जोर:-जोर से सिसकारियाँ भर रही थी ‘आह…आह इइ इइ इइ…’

यह सुनकर हमे पता ही नहीं चला कि सिमा हमारे कमरे मे कब आ गई और छुपकर हमे देखनें लगी।

मैनें मैडम जी को पूरी नंगी किया और मैडम जी नें मुझे नंगा कर दिया मैडम जी नें मेरा 8″ का लौड़ा मुँह मे ले लिया और चूसना शुरू कर दिया।
मैडम जी की चुत पूरी तरह गीली हो गई थी। उसमे से पानी का रिसाव हो रहा था।
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मैडम जी गर्म हो कर चुदासी हो चुकी थी। मैनें उसे सीधा किया और चुत को सहलाना शुरू कर दिया। अभी अपनी उंगली से चोदना शुरू किया ही था कि मैडम जी की चुत की खुश्बू से मै पागल हो गया था, उसकी चुत की इतनी अच्छी खुश्बू थी कि पूछो मत।

मैडम जी जोर से बोल रही थी:- आह। मोनू आह। चोदो मुझे। जोर से आह। आह।
कुछ देर बाद मैडम जी बोली:- लौड़ा डालो न। मै पागल हो गई हु।
मैनें अपना लौड़ा डाल दिया और उसको जोर:-जोर से चोद रहा रहा था।

इतनें मे सिमा हमारे कमरे मे अन्दर आ गई। वह पूरी नंगी थी, मै उसे देखकर रुक गया।
मैडम जी बोली:- क्या हुआ जानू?
मैनें कहा:- देखो ना।
वो सिमा को देखनें लगी।
दोनों हंस पड़ीं। तब तक मैडम जी झड़ गई थी।

मै समझ नहीं पा रहा था। सिमा अपनी चुत को एक हाथ से सहला रही थी। एक हाथ से अपनें मम्मों को दबा रही थी।
तभी मैडम जी नें कहा:- ये तो हम दोनों की चाल थी। जब मैनें इसे आपके बारे मे इसे बताया तो ये कमीनी मुझसे कहनें लगी कि मुझे भी जन्नत की सैर करनी है। मुझे भी तुम्हारा लौड़ा दिला दो। तो मैनें हा बोल दी थी। मुझे आपको बोलनें की हिम्मत नहीं हो रही थी ना। इस कारण यह प्लान बनाया था हमनें।

मैनें देखा सिमा की चुत फ़ूली हुई थी और चुदनें के लिए पूरी तरह तैयार थी। सिमा की चुत गुलाबी रंग की मनमोहक चुत थी। सिमा बोली:- चोदोगे ना मुझे राजा।
मैनें लौड़ा हिलाते हुए कहा:- जब मेरी जानू तैयार है। तो मै कौन हु रोकनें वाला।

इतना कहकर मैनें उसकी चुत को हाथ से भर कर सहलाना शुरू किया। सिमा पहले से गर्म थी और उसकी चुत से पानी बह रहा था।

मैडम जी बोली:- जानू मुझे पहले चोद कर शांत कर दो। फिर इस चोदना।

मैनें मैडम जी को सीधा बिस्तर पर लिटाया। उसकी चुत पर मैनें लौड़ा को डाला और जोर:-जोर से धक्का देना चालू कर दिया। सिमा को अपनें बगल मे ही लिटा कर उसकी नंगी चुत मे मैनें अपनी उंगली डाली हुई थी। मै दोनों को एक साथ चोद रहा था।
सिमा जोर:-जोर से सिसकारियाँ भर रही थी। उसकी सिसकारियों से सारा रूम गूंज रहा था।

इतनें मे सिमा झड़ गई। उसकी चुत से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा था।

शायद सिमा काफ़ी समय से चुदी नहीं थी। आज तो मैडम जी भी झड़नें का नाम नहीं ले रही थी।

मैडम जी भी मुझसे जोर:-जोर से चुदवा रही थी ‘आह… आह।’ उसकी आवाज आ रही थी। इतनें मेरा लौड़ा झड़नें वाला हो गया था। तो मैडम जी नें कहा:- अन्दर चुत मे ही पानी डाल दो।

मैनें अपना सारा माल मैडम जी की चुत की गहराइयों मे अन्दर तक डाल दिया। मेरे झड़नें से मैडम जी भी झड़ गई।

कुछ पलों बाद सिमा नें मेरे लौड़ा को अपनें मुँह मे ले लिया और बोली:- क्या मोटा लौड़ा है। मैनें ऐसा लवड़ा कभी नहीं देखा। उसनें लौड़े को लपलप करके चूसना शुरू कर दिया।

सिमा फिर से गर्म हो गई थी, उसनें चुत पसारते हुए कहा:- अब मेरी बारी है। अब मुझे चोदो। मै पागल हो गई हु।
मैनें सिमा को मैडम जी की जगह पर लिटाया और उसकी चुत मे लवड़ा पेल कर उसे चोदना चालू कर दिया।

मैडम जी नें कहा:- जानू। इस छिनाल को इतना चोदो। इतना चोदो कि इसे तुम्हारा लौड़ा हमेशा याद बना रहे।
इतना कह कर मैडम जी नें मुझे जोर:-जोर किस करना चालू कर दिया।
मै सिमा को जोर:-जोर से चोदे जा रहा था।

सिमा नें ‘आह। ईई। आह। मर गई। चिल्लाते हुए अपनी सिसकारियाँ इतनी तेज कर दी थीं कि पूरा कमरा चुदास की आवाजों से गूँज रहा था।
कुछ देर बाद मै और सिमा एक साथ झड़ गए। मैनें अपना लौड़ा निकाला। तो सिमा नें तुरंत उसे मुँह मे ले लिया और चूस कर साफ़ कर डाला।
मै बोला:- हो गया क्या?
तो सिमा बोली:- अभी नहीं। पूरी रात चोदो मुझे।

हम तीनों हंस पड़े।
सिमा बोली:- आप तो सचमुच मे जन्नत के दरवेश हो।
दोस्तो, मैनें मैडम जी और उसकी सहेली सिमा की पूरी रात चुदाई की। वह दोनों बहुत खुश हो गई थीं।

अभी हम तीनों बातें कर ही रहे थे कि मैडम जी नें कहा:- जानू और नई चुत चाहिए क्या। या बस।?
तो मैनें कहा:- आप बताओ आपको बुरा नें लगे तो।?
मैडम जी नें कहा:- मुझे कुछ बुरा नहीं लगेगा। मेरी एक और सहेली है। उसे भी चुदना है आपसे।
मैनें कहा:- ठीक है। जब भी मौका मिलता है। हम सब चुदाई का काम कर लेंगे।

इस तरह मैडम जी और उसकी सहेलियों की चुदाई आज भी करता रहता हु।
मैडम जी को तो एक:-दो रोज मे चोद ही देता हु।

मैनें उसकी तीनों सहेलियों के साथ कई अन्य सहेलियों की चुत की प्यास को बुझाया है। उसके बारे मे फिर कभी विस्तार से लिखूँगा।

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