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सपना की चूत की आग मिटाई – mast sapna ki chudai

हेल्लो दोस्तों मैं अपनी फ्रेंड सपना की चूत को मस्ती में चोदा छोड़ा.

बात उस समय की है जब मैं स्कूल के दिनों में था. सपना की चूत बहुत मस्त थी. सपना मेरी गर्लफ्रेंड थी. वो बहुत मस्त लड़की थी. मैं आपको उसके मस्त शारीर की संरचना के बारे में बता देता हूँ.

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  • सबसे पहले गांड, उसकी गांड एकदम मस्त थी.
  • चूचियां– इनके देखने से ज्यादा चूसने में मज़ा आता था. एकदम लाजवाब.
  • सपना की चूत sapna ki chut  मानो किसी भूखे को एक कोमल सा फुला हुवा ब्रेड.
  • उसके बूब्स बहुत मुलायम और सस्दर थे. मन तो करता था की चुस्त ही जाऊ.

अब मैं उसके सरीर के बनावट के बारे में ज्यादा बात न करते हुवे सीधा मैं पॉइंट पर ले चलता हूँ. सपना का घर मेरे घर से करीब दस फूट की दुरी पर था. अब आप तो समझ ही गए होंगे की मुझे उसे पटाने के लिए ज्याद भाग दौड़ करने की जरुरत नहीं पड़ी. मैंने उसको अपना नंबर दिया था. जब वो अपने छत पर आई तो मैंने एक पेपर पर अपना मोबाइल नंबर लिख कर उसके छत पर फेक दिया. रात को करीब १० बजे मुझे कॉल आया.

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मैं- हेल्लो कौन?

सपना- तुमने मुझे अपना नंबर क्यों दिया?

मैं- ओह सपना! कैसी हो?

सपना- मैं तो अछि हु पर तुम मुझसे क्या चाहते हो?

मैं- सपना, एक्चुअली बात ये है की मैं तुम्हे लाइक करता हूँ.

सपना- तो?

मैं- तो, मेरा मतलब क्या हम दोस्त बन सकते हैं?

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सपना- म्मम्म पता नही, सोच के बताउंगी.

इतना कह कर उसने फ़ोन कट कर दिया. मैं समझ गया की कुड़ी पट गयी.

करीब एक घंटे बाद उसका फ़ोन आया.

उसने मेरा प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया. अब हमलोग दोस्त बन गए.

तो दोस्तों ये रही सपना से दोस्ती की कहानी. अब मैं आपको बताता सपना की चूत की चुदाई की कहानी.

दोस्ती से करीब १ महिना बाद जब हमलोग एक दुसरे से बहुत घुल मिल गए थे. मनो की अब हम एक गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड बन गए थे. हमने उस एक महीने में कई बार किस भी कर लिया था. मैंने कई बार उसकी चुचियों का मज़ा भी लिया था. एक दिन मैंने कहा की मुझे तुम्हे नंगा देखना है. तो उसने साफ़ मन कर दिया. पर मैं जिद्द पर अडिग रहा. कुछ देर बाद वो मान गयी. मैंने उससे कहा की शाम को स्कूल के साइड में आ जाना. वो मान गयी.  करीब सात बजे वो स्कूल के पीछे आई. उस समय काफी अँधेरा हो चूका था. मैंने उससे कहा, इतना देर क्यों कर दी कुछ देर पहले नहीं आ सकती थी. अब मैं तुम्हारी चूत और चुचियो को कैसे निहारूंगा. तो उसने कहा, ए मिस्टर देखने से ज्यादा मज़ा दबाने में है. इतना कहकर वो हंसने लगी. मैंने उसे उठा कर सबसे पीछे वाले खिड़की से अन्दर घुसना चाह तो उसने मन कर दिया. कहा, नहीं आज नहीं आज बस छू कर ही काम चलाओ अगर मैं अन्दर चालली गयी तो तुम मुझे चोद कर ही छोड़ोगे. मैंthen, its ok.

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मैंने उसके सलवार के अन्दर हाथ दल दिया और उसके चुचियों को मसलने लगा. वो सिस्कारियां लेने लगी. मैंने उसके होठो पर अपने होठ रख दिए और उसे किस करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी. करीब दो मिनट तक मैं उसका होठ चूसता रहा और चूचियां मसलता रहा. अब मैंने उसके सलवार से अपना हाथ निकला और उसकी सीधा उसकी पैंटी में डाल दिया. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया पर मैंने उसकी एक ना चलने दी और एक झटके में अपना हाथ छुड़ा लिया. मैंने sapna ki chut ko पहली बार फिल किया. सपना की चूत एकदम फुले हुवे पकोड़े की तरह फूल गयी थी और हल्का वेट भी हो गयी थी. ऐसा सायद मेरा उसको किस और उसके चुचियों के मसलने की वजह से हुवा था. मैंने धीरे धीरे सपना की चूत पर अपनी उँगलियों को फिरने लगा. वो मदहोश होने लगी. उसके मुह से सिस्कारियां निकलने लगी.  sapna ki chut एकदम मखमल की तरह मुलायम थी. मैंने अब उसके सलवार को ऊपर उठा दिया और उसके ब्रा से उसके बूब्स को बहार निकल दिया. एक हाथ उसके पैंटी में था. मैंने उसके चुचियों को अपने मुह में ले लिया और चूसने लगा. sapna ki chut एकदम गरम हो चुकी थी बस उसमे लुंड घुसना बाकि था. मुझे पता था की वो अब अपने फुल मूड में आ चुकी है और सपना की चूत में अपना हथोडा डालने का समय आ गया है. मैंने उसको ऊपर उठाया और खिड़की दे अन्दर घुसा दिया. मैं खुद भी अन्दर घुस गया. रात में इधर लड़के लड़कियां मज़े करने ही आते हैं अक्सर. मैंने अपने फ़ोन की लाइट ओन करके देखा कोई है तो नहीं, उस रूम में कोई नहीं था. अब मैंने खिड़की और उस कमरे का दरवाजा बंद कर दिया जो की हमेशा खुला ही रहता था. मैंने अपनी फ़ोन की लाइट ओं करके बगल के बेच पर रख दी. पर सपना ने फ़ोन की लाइट ऑफ़ कर दी और कहा मुझे शर्म आ रही है. मैंने कहा ओके कोई बात नहीं और मैंने उसके टॉप को पूरी तरह से उतर दिया. अब वो ऊपर से पूरी तरह से नंगी थी. मैं अँधेरा होने की वजह से कुछ देख नहीं पा रहा था. मैंने फिर से लाइट ओन करके बगल में रख दिया. फ़ोन की रौशनी में सपना की चुचिया चमक रही थी. उसका योवन पुरे उफान पर था. सपना की  चूचियां पूरी फूली हुई थी.

Sapna ki chut ki mast chudai – सपना की चूत

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    चुचियों के दर्शन कर लेने के बाद मैंने उसको निचे से भी नंगा कर दिया. अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी. मैंने उसको बगल के बेंच पर बैठा दिया था. अब मैंने उसकी टंगे फैला दी. पहली बार उसकी सपना की चूत की दरसन हुई. एकदम चिकनी थी, उसने सेव किया हुवा था. और बिच में थोड़ी सी गहरे साफ़ देखि जा सकती थी. मैंने अपना नाक सपना की चूत के पास ले जाकर उसे सुंघा. एक मदहोश करने वाला सुगंध से मेरा लंड जो की पहले से ही सलामी दे रहा रहा था अब और ज्यादा सख्त  हो गया.  मैंने सपना की चूत पे अपनी जीभ फेर दी. पहली बार जीभ का एहसास पाकर वो काप सी गयी. मैंने उसके चूत को चाटना सुरु कर दिया. अब वो पहले से भी ज्यादा मदहोश हो गयी और उसके मुह से उफ़ आह की आवाजे हलकी हलकी बाहर आने लगी. कुछ देर तक चूत चाटने के बाद मैंने अपना लोडा अपनी पैंट से बहार निकला. मेरे लौड़े को देख कर उसले चेहरे पर हलकी सी स्माइल आ गयी और वो ध्यान से मेरे लौड़े को देख रही थी सायद ये उसका भी पहली बार था. मैंने लौदा उसके मुह में दे दिया और मुह को छोड़ने लगा. मुझे मालुम था की उसे अच्छा नहीं लग रहा है पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. कुछ देर बाद लौड़ा उसके मुह से निकल कर उसके चूत पर रख दिया. मैंने इस तरह से उसे बेंच पर लिटाया था की लंड पूरी तरह से चूत में जाने को फिट नजर आ रहा था. अपना लुंड सपना की चूत पर रगड़ने लगा. उससे अब रहा नहीं गया और बोली. अब मुझे और ना तरसाओ मैं कब से तुमसे चुदवाने के लिए तरस रही थी. ओह! तो फिर तुम मन क्यों कर दे रही थी. क्युकी मुझे सरम आ रही थी. ओके ये लो इतना कह कर मैंने लंड उसके चूत के अन्दर डाल दिया.

    उसकी चीखे निकल गयी. उईई मा मर गयी. मैंने कहा बस कुछ ही सेकंड में ठीक हो जाओगी और पूरा लंड उसकी टाइट चूत में घुसा दिया. वो दर्द से छटपटाने लगी तो मैंने उसे बेंच से निचे उतारा और जमीं पर लिटा दिया. फिर से लुंड उसकी चूत में घुसाया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा. उसे काफी दर्द हो रहा था. मैंने उसे किस करना स्टार्ट किया और उसकी चुचियों को दबाने लगा. अपनी चुदाई की स्पीड भी थोड़ी बढ़ा दी. कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो अपनी गांड हिला हिला कर चुदवाने लगी. मैं अपने फुल स्पीड में आ गया और वो भी  मेरा साथ बखूबी दे रही थी. पंद्रह मिनट्स तक मैं उसको यु ही चोदता रहा लंड बहार निकल कर अपना वीर्य बहार गिरा दिया. मैं थक चूका था और वो भी. मैं उसके बगल में लेट गया और पूछा कैसा लगा. मज़ा आ गया. and, कुछ देर  बाद हमलोग वह से चलने को हुवे. उससे चला नहीं जा रहा था. मैंने कहा तुम धीरे धीरे घर की तरफ चलो मैं दवाई लेकर आता हूँ. then, उसने कहा ठीक है. मैं दोड़ कर दवाई लेने भागा. उसके घर पहुचने से पहले मैं दवाई लेकर उसके पास पहुच गया और उसे दवाई देते हुवे बोला की एक अभी खा लेना और अगर कल भी दर्द करे तो एक कल भी खा लेना ठीक हो जाएगा. वो घर चली गयी. मैं भी घर आ गया. करीब ११ बजे मैंने उसको फ़ोन किया और पूछा क्या हाल है. then, उसने कहा अब थोडा आराम है. मैंने कहा की तो चले फिर स्कूल में तो उसने हस्ते हुवे कहा. मरना नहीं है मुझे!

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